कल से शुरू होगा हीरो एशिया पुरुष हॉकी कप:बिहार पहली बार कर रहा मेजबानी, जर्मनी के टेक्नीशियन ने डिजाइन किया एस्टोटर्फ
बिहार में पहली बार हीरो एशिया पुरुष हॉकी कप का आयोजन हो रहा है। कल राजगीर में हॉकी के महाकुंभ का आगाज़ होगा, जो कि 7 सितंबर तक चलेगा। 10 दिन चलने वाले इस टूर्नामेंट में 8 टीमें हिस्सा लेंगी। इसमें भारत, चीन, जापान, चीनी ताइपे, मलेशिया, कोरिया, कजाखिस्तान और बांग्लादेश की टीमें शामिल है। इस चैंपियनशिप में जो टीम विनर होगी, वह सीधे हॉकी वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करेगी। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण ने बताया कि राजगीर में दो एस्टोटर्फ मैदान में हॉकी मैच होंगे। यह दोनों टर्फ स्टेडियम इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का बनाया हुआ है। यह एस्टोटर्फ जर्मन इंजीनियरिंग से तैयार किया गया है, जिसे जर्मनी के टेक्नीशियन ने ही लगाया है। यह दोनों एस्ट्रोटर्फ इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन से अक्रेडिटेड है, जो फ्लडलीट और स्प्रिंकलर सिस्टम के साथ तैयार किया गया है। 7 सितंबर को फाइनल मुकाबला टीम ए में भारत, जापान, चीन और कजाकिस्तान रहेगी। वहीं, टीम बी में मलेशिया, कोरिया, बांग्लादेश और चाइनीज ताइपे रहेगी। 29 अगस्त से 7 सितंबर तक मुकाबला खेला जाएगा। इसके बाद क्वालीफाइंग मैच होंगे और 7 सितंबर को फाइनल मुकाबला होगा। वहीं, 2 और 5 सितंबर को रेस्ट डे है। हीरो एशिया कप मैच शेड्यूल राजगीर में ही टीम के रहने-खाने के इंतेज़ाम रवींद्रन शंकरण ने बताया कि सभी देश के टीमें सारी सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था के साथ राजगीर के विभिन्न होटलों में ठहरेंगी और भारतीय हॉकी टीम राजगीर खेल परिसर में ही रहेगी। अलग-देशों की टेस्ट के हिसाब से खाने की व्यवस्था रहेगी। टीम के ट्रांसपोर्टेशन के लिए एसी बस की सुविधा दी जाएगी। हर टीम का अपनी भाषा बोलने के लिए लैंग्वेज इंटरप्रेटर रहेगा। वहीं, उनके साथ हर समय एक लाईजेन और सिक्योरिटी ऑफिसर रहेगा। हर टीम के साथ अपनी स्क्वाड साथ रहेगी। स्टेडियम में एंट्री के लिए बनाए गए 4 अलग-अलग गेट स्टेडियम में एंट्री के लिए चार अलग-अलग गेट बनाए गए हैं। गेट नंबर-1 स्टेडियम के पदाधिकारियों और कर्मियों के लिए होगा। गेट नंबर-2 आम जनता और मीडिया के लिए, गेट नंबर-3 VVIP और पदाधिकारियों के लिए, जबकि खिलाड़ियों का प्रवेश गेट नंबर-4 से होगा ताकि वे सीधे ग्रीन रूम तक पहुंच सकें। खिलाड़ियों की बसों के लिए हरियाली मोड़ होते हुए महादेवा से नालंदा विश्वविद्यालय के रास्ते स्टेडियम पहुंचने की व्यवस्था की गई है। 7 जगहों पर बनाया गया पार्किंग स्थल दर्शकों की सुविधा के लिए 7 अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इनमें गंगाजल परियोजना कैम्पस, स्टेट गेस्ट हाउस के पास हॉकी मैदान, केरला पब्लिक स्कूल परिसर, आरडीएच स्कूल परिसर, चक्रपाणि रेसीडेंशियल स्कूल परिसर, नाहुब बाईपास मयार और स्टेडियम गेट नंबर-1 के सामने लेवर कॉलोनी तक भी पार्किंग की सुविधा उपलब्ध होगी। टूर्नामेंट की सफलता के लिए दस महत्वपूर्ण चौराहों पर यातायात प्रशिक्षित पुलिस बल की तैनाती दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक रहेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक ड्रॉप गेट और पार्किंग स्थल पर भी यातायात पुलिस की व्यवस्था की गई है। भारत-पाकिस्तान ने तीन-तीन बार जीता ख़िताब पुरुष हॉकी एशिया कप का यह 12वां संस्करण है। यह तीसरी बार है जब यह टूर्नामेंट भारत में आयोजित हो रही है। पहली बार 1989 में नई दिल्ली में, दूसरी बार 2007 में चेन्नई में और अब इसके 18 साल बाद यह तीसरी बार 2025 में बिहार में आयोजित हो रही है। इस एशिया कप में दक्षिण कोरिया पांच खिताब के साथ पुरुष एशिया कप के इतिहास में सबसे सफल टीम है। इसके बाद भारत और पाकिस्तान का स्थान है, जिन्होंने तीन-तीन बार टूर्नामेंट जीता है। पुरुष हॉकी एशिया कप विनर हीरो एशिया कप के लिए फ्री में बुक करें टिकट हीरो एशिया कप में एंट्री बिल्कुल फ्री है, मगर दर्शकों को टिकट बुक करना होगा। ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए Ticketgenie ऐप को इंस्टॉल करना होगा। इससे ऑनलाइन बुकिंग होगी, जिसके बाद टिकट जनरेट होगा। इसे गेट पर स्कैन करके के बाद ही अंदर इंट्री मिलेगी। सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक दर्शक टिकट बुक कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल खोल दिया गया है। टिकट बुकिंग के लिए आधार कार्ड जरूरी बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण ने बताया कि टिकट बुकिंग के लिए आधार कार्ड जरूरी है। एक व्यक्ति अधिकतम दो टिकट बुक कर सकता है। एक टिकट पर एक व्यक्ति को ही एंट्री मिलेगी। अगर एक व्यक्ति दो टिकट बुक कर रहा है, तो दोनों व्यक्ति को एक साथ आना पड़ेगा। उस टिकट को आगे फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता है और न ही उस टिकट का स्क्रीनशॉट या फोटो ले सकते हैं। एक टिकट पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक देख सकते मैच उन्होंने आगे कहा कि एक मोबाइल नंबर से एक ही टिकट बुक होगा। अगर कोई व्यक्ति एक मोबाइल नंबर से दो टिकट बुक करना चाहेगा तो फिर टिकट 'सोल्ड आउट' दिखाएगा। हीरो एशिया कप में टिकट हर दिन के हिसाब से होगा, हर मैच के हिसाब से नहीं। यानी कि अगर दर्शक किसी एक दिन का टिकट जनरेट करते हैं तो उस पूरे दिन जितने भी मैच होंगे उसमें उनकी एंट्री होगी। सुबह 9 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक दर्शक मैच देख सकते हैं। टिकट बुक करने का प्रोसेस 1. Ticketgenie ऐप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। 2. ऐप डाउनलोड करने के बाद अपना अकाउंट क्रिएट करें। 3. ओटीपी रिसीव करने के लिए अपने फोन नंबर को वेरीफाई कराएं। 4. जैसे ही आप हीरो एशिया कप राजगीर, बिहार 2025 के इवेंट बैनर पर क्लिक करेंगे, सीधे बुकिंग पेज खुलेगा। 5. आप यहां अपना मोबाइल नंबर डालकर एक टिकट बुक कर सकते हैं। 6. आगे बढ़ने के बाद अपना आधार कार्ड नंबर अपलोड करना होगा ताकि बुकिंग पूरी हो सके। 7. जैसे ही बुकिंग पूरी हो जाएगी फोन पर एक कन्फर्मेशन का मैसेज आएगा। 8. Ticketgenie ऐप के माई टिकट सेक्शन में दर्शक अपना टिकट देख सकते हैं। 9. इस टिकट का क्यूआर कोड इवेंट वाले दिन जनरेट होगा। 10. दर्शक गेट पर इसे स्कैन करा कर अंदर एंट्री ले सकते हैं। बिहार के 38 जिलों में बनेगा फैन पार्क राजगीर के स्टेडियम में दर्शकों के लिए फ़ूड कोर्ट, फैन पार्क, वाशरूम भी है। स्टेडियम में 5000 दर्शकों की क्षमता है। इसलिए हीरो एशिया कप के मैच देखने के लिए बिहार के 38 जिलों के जिला मुख्यालय में LED स्क्रीन लगाकर फैन पार्क का निर्माण किया जा रहा है, जहां मैच का लाइव टेलीकास्ट होगा। 30 और 31 अगस्त को होगा विशेष कार्यक्रम यह कार्यक्रम गांव-गांव तक खेल संस्कृति के विकास और युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रखा गया है। इसी प्रकार 31 अगस्त को 'संडे ऑन साइकिल' का विशेष कार्यक्रम रखा गया है जिसमें आसपास के गांवों के बच्चे युवा खिलाड़ी, भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी और अधिकारी 5 किलोमीटर तक आसपास के इलाकों में साइकिल चलाएंगे। यह खिलाड़ियों और लोगों में स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ हर उम्र के लोगों में खेल संस्कृति के विकास के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। ध्यानचंद को समर्पित है हीरो एशिया कप का मैस्कॉट इस बार हॉकी एशिया कप का शुभंकर (मैस्कॉट) चांद है। रवींद्रन शंकरण ने बताया कि लोगो और मैस्कॉट जो डिजाइन किया गया है वह हमारे हॉकी के जादूगर ध्यानचंद को समर्पित है। यह एक सुखद संजोग है कि हम खेल दिवस जो 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन के मौके पर मानते हैं, उसी दिन इस खेल के इतने बड़े टूर्नामेंट का बिहार में शुरुआत हो रहा है। मैस्कॉट का नाम चांद इसलिए दिया गया है क्योंकि मेजर ध्यानचंद आर्मी में थे और दिन भर ड्यूटी करते थे और रात में रात में चांद की रोशनी में खेलने के लिए प्रैक्टिस करते थे। इसलिए उनके टीम के साथ ही उन्हें चांद कहकर बुलाते थे।
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