SIR के काम में लगे BLO, 5 लाख की ठगी:औरंगाबाद में निर्वाचन अधिकारी बन मांगी जानकारी; शिक्षक ने बैंक के कर्मियों पर जताया शक
औरंगाबाद में एसआईआर के काम में लगे एक बीएलओ को साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया और उनकी पत्नी के खाते से 5.34 लाख रुपए गायब कर दिया। ठगी का शिकार हुआ रामस्वरूप प्रसाद हसपुरा प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उच्च स्कूल पीरु में कार्यरत है। जबकि, उनकी पत्नी सरोज कुमारी पिरु में हिंदी प्राथमिक स्कूल में कार्यरत है। रामस्वरूप प्रसाद बूथ लेवल अधिकारी का भी काम कर रहे हैं। 17 अगस्त को उनके मोबाइल पर एक फोन आया, जिसमें निर्वाचन कार्यालय का डीपी लगा हुआ था। फोन करने वाले ने खुद को जिला निर्वाचन कार्यालय का अधिकारी बताते हुए उनसे एसआईआर की रिपोर्ट प्रत्येक दिन जमा करने को कहा। बातचीत के क्रम में उसने एप्लिकेशन भेजा और डाउनलोड करने को कहा। इसके बाद उनके फोन में कुछ गड़बड़ी का एहसास हुआ, तो उन्होंने फोन स्विच ऑफ कर लिया। बाद में जब फोन चालू किया गया तो वह ठीक ढंग से काम नहीं कर रहा था। एप्लिकेशन डाउनलोड करने के बाद खाते से पैसे गायब 18 अगस्त को उनका सिम कार्ड बंद हो चुका था। उन्होंने इसकी सूचना प्रखंड के बीडीओ को दी। 19 अगस्त को वह गया एयरटेल ऑफिस पहुंचे। अपना सिम कार्ड चालू कराया। जिसमें उसकी पत्नी का बैंक खाता लिंक किया हुआ था। इसके बाद जब उसने खाते की जानकारी ली, तो पता चला कि 5.34 लाख रुपए का यूपीआई से अलग-अलग भुगतान कर लिया गया है। सिम बंद होने के बाद शिक्षक ने इसे सामान्य रिचार्ज की समस्या समझी और रिचार्ज कराने की कोशिश की, पर सफल नहीं हुए। एयरटेल कार्यालय, गया से जानकारी लेने पर पता चला कि उनका नंबर दिल्ली में किसी अन्य कंपनी में पोर्ट करा दिया गया है। शिक्षक ने तुरंत बैंक में मोबाइल नंबर बदलवाया और बीडीओ व बीईओ की मदद से 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ने पर वे इलाज के लिए पटना चले गए।इसके बाद खाते से 2 अगस्त तक कुल 5 लाख 34 हजार रुपए की निकासी कर ली गई। सीवान के शख्य के पैसे खाते में जमा करने के बाद बदमाशों ने निकाला खाते में मात्र 145 रुपए शेष बचे। इतना ही नहीं, सीवान के एक व्यक्ति के खाते से करीब 50 हजार रुपए सरोज कुमारी के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए, जिसे 5 अगस्त तक निकाल लिया गया।घटना के बाद शिक्षक ने साइबर थाना में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने हसपुरा स्थित एसबीआई के कर्मियों पर भी संदेह जताया है। शिक्षक का कहना है कि मैं बीएलओ भी हूं। मुझे बीडीओ ने कहा गया था कि सूचना मांगने पर देना है। इसी बीच मुझसे वीडियो कॉल कर सूचना मांगा गई। मुझे लगा कि आयोग सूचना मांग रही है। लेकिन, मेरे खाते से पैसे निकाल लिए गए। बैंक में सूचना देने के बाद भी निकाले रुपए बीएलओ ने कहा कि एयरटेल ऑफिस में मुझसे कहा गया कि सिम कार्य पोर्ट हो गया है। बैंक में 20 हजार के निकासी होने की सूचना दी थी। लेकिन, उसके बाद भी खाते से रुपए निकाले गए है। नंबर बंद करने के बाद भी पैसों की निकासी हुई है। जब रामस्वरूप प्रसाद के नाम से एयरटेल का सिम था, तो बिना उनकी सहमति और बिना आधार कार्ड जमा किए ही वह नंबर दूसरे नेटवर्क में पोर्ट कैसे हो गया? जब एसबीआई हसपुरा शाखा में खाता धारक ने मोबाइल नंबर अपडेट करा दिया था, तो उसके बाद भी इतनी बड़ी रकम की निकासी कैसे हो गई? ग्रामीणों और शिक्षकों के बीच इस घटना को गहरी चर्चा है। लोग बैंकिंग सिस्टम और मोबाइल कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।
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