फरीदाबाद जेल से छूटकर 2 दिन पहले बेगूसराय आया:परिवार पर संकट न आए, सत्यनारायण कथा कराई; अगले दिन पत्नी-बेटी की डूबकर मौत

Aug 12, 2025 - 08:30
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फरीदाबाद जेल से छूटकर 2 दिन पहले बेगूसराय आया:परिवार पर संकट न आए, सत्यनारायण कथा कराई; अगले दिन पत्नी-बेटी की डूबकर मौत
फरीदाबाद जेल से बेल मिलने के बाद पति 2 साल बाद घर बेगूसराय लौटा। छेड़खानी के मामले में आरोपी बनाया गया था। फरीदाबाद से 9 अगस्त को गांव पहुंचा था। घर-परिवार पर अब कोई संकट नहीं आए, इसलिए 9 की रात में ही सत्यनारायण की पूजा करवाई थी। पति ने अपने परिवार के साथ 1 दिन ही बिताए। अगले दिन 10 अगस्त को मां-बेटी की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। पत्नी वंदना 4 साल से पति कुंदन के घर लौटने का इंतजार कर रही थी। उसे छुड़ाने के लिए मजदूरी कर वकील को रुपए देती थी। जब पति लौटा तो खुद ही नहीं रही। बाढ़ के पानी से पूरा घर घिरा है। चारों तरफ 20 फीट की गहराई में पानी है। 7 साल की बेटी अनन्या घर के पास खेल रही थी, गेंद पानी में चला गया था। गेंद लेने के लिए बच्ची पानी की तरफ गई थी। पैर फिसलने की वजह से वो डूब गई। बेटी को डूबता देख मां वंदना (26) ने पानी में छलांग लगी दी। जिसके बाद दोनों डूब गए। 2 दिन पहले जब पति कुंदन चौधरी घर लौटे थे तो वंदना और अनन्या काफी खुश हुए थे। वंदन ने सोचा था कि अब हम लोग मिलकर खुशी-खुशी रहेंगे। बेटी अनन्या ने अपने पापा से घुमाने और खिलौने-चॉकलेट की डिमांड की थी। अब ये सब सोच-सोचकर कुंदन की आंखों से आंसू नहीं रुक रहे। वो बदहवास हो गया है। घटना शाम्हो प्रखंड के सलहा सैदपुर बरारी पंचायत-1 धनहा मोहल्ले की है। लव मैरिज के बाद 8 साल दुख में बीते, सुख के दिन आए तो बाढ़ के कारण उजड़ गया परिवार। रिपोर्ट में पढ़िए संघर्ष की कहानी... बेटी को अच्छी शिक्षा देने का था सपना, पिता के श्राद्ध में हो गया कर्ज कुंदन चौधरी ने 2017 में वंदना में लव मैरिज किया था। लव मैरिज के बाद वंदना और कुंदन चौधरी के परिवार के बीच काफी विवाद हुआ था। उस वक्त कुंदन के पिता कौशल चौधरी ने समझदारी दिखाई थी। उन्होंने मामले को संभाल लिया था। बहू को घर में रहने के लिए वे राजी हो गए थे। जिसके बाद सब कुछ ठीक चलने लगा। एक साल बाद 2018 में बेटी अनन्या हुई। वंदना और कुंदन सोचने लगे कि बेटी को अच्छा संस्कार देना है। अच्छी पढ़ाई करानी है। वे लोग चर्चा करते थे कि बेटी को किसी चीज की कमी नहीं होने देंगे। इस बीच 2020 में कुंदन के पिता कौशल चौधरी की करंट से मौत हो गई। शादी के बाद जो थोड़े बहुत रुपए जमा किए थे वे श्राद्ध में खर्च हो गए। ऊपर से करीब 2 लाख का कर्ज भी हो गया। जिसके बाद से कुंदन की टेंशन शुरू हो गई। कर्ज चुकाने की सोची तो जेल हो गई कुंदन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। किसी तरह से वो अपने परिवार की हर जरूरतों को पूरा करता था। जब कर्ज हुआ तो वो सोचने लगा कि अब घर चलाऊं या उधारी वापस करूं। उसने अपनी पत्नी से इस संबंध में चर्चा की। पत्नी वंदना ने पति को सलाह दी कि बाहर जाकर अब कमाना होगा। थोड़े ज्यादा रुपए मिलेंगे तो कर्जा धीरे-धीरे टूट जाएगा। कुंदन को पत्नी की बातें सही लगी। कुंदन 2021 में पत्नी और बेटी को लेकर फरीदाबाद चला गया। मजदूरी करके महाजन को रुपए लौटाने लगा। छेड़खानी के मामले में हुआ था जेल पति के जेल जाने के बाद पत्नी वंदन को पैसे कमाने के लिए घर से बाहर निकलना पड़ा। मजदूरी करनी पड़ी। जो पैसे आते थे उसी से बेटी अनन्या का पालन-पोषण कर रही थी। इसके अलावा वो हर दिन कोशिश में रहती थी कि पति जेल से बाहर आ जाएग। 4 साल तक वंदना ने अपने पति को बाहर निकालने का प्रयास किया। 7 अगस्त को ही पति को जेल से बेल मिली। तय किया कि अब फरीदाबाद में नहीं अपने गांव में ही रहेंगे। जैसा भी है गांव-गांव है। फरीदाबाद में कुंदन फुफेरे भाई दिलखुश कुमार के साथ रह रहा था। तीन-चार महीना के बाद 2021 में ही दिलखुश ने एक लड़की के साथ छेड़खानी की। जिसमें लड़की के परिजन ने दिलखुश के साथ-साथ कुंदन को भी आरोपी बना दिया था। मैं बहन को नहीं बचा पाया, चाची भी डूब गईं चचेरा भाई भवेश (13) बताता है कि मैं और अनन्या दरवाजे पर खेल रहे थे‌। खेलते-खेलते अचानक गेंद पानी में चला गया। निकालने के चक्कर में अनन्या का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिर गई। मैं तुरंत कूदा, करीब 10 मिनट तक मैं अनन्या को बाहर निकालने की कोशिश करता रहा, इस दौरान मैं भी डूबने लगा। इसी बीच चाची की नजर पड़ी तो चाची उसे बचाने के लिए कूद गई। मैं तो किसी तरह से निकल गया, लेकिन चाची और अनन्या दोनों डूब गए। बहुत बड़ी अनहोनी हो गई कुंदन के चचेरे भाई केशव ने बताया काफी अनहोनी हो रही है। 2020 में कुंदन के पिता कैलाश चाचा की मौत हो गई। फैमिली के साथ फरीदाबाद से आया था। पूजा-पाठ भी किया था। सोचा था सकुशल जिंदगी जिएंगे, लेकिन भगवान को यह मंजूर नहीं था। कुंदन की बहन रेखा ने बताया कि पिताजी की 2020 में मौत हो गई थी। बहुत कर्जा हो गया था तो मेरा भाई मजदूरी करने पर परदेस चला गया। 9 अगस्त को घर आया था। आज खेलते-खेलते भाभी और भतीजी दोनों की मौत हो गई। अनन्या इकलौती संतान थी। पूरा परिवार खत्म हो गया। डीएम तुषार सिंगला ने बताया, शाम्हो प्रखंड के धनहा वार्ड नंबर-6 निवासी कुंदन कुमार की पत्नी वंदना कुमारी और बेटी अनन्या कुमारी की बाढ़ के पानी में डूबने से रविवार को मौत हुई थी। प्रशासन की सहानुभूति पीड़ित परिवार के साथ है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से 4-4 लाख रुपए की सहायता राशि सीएफएमएस के माध्यम से आज हस्तांतरित कर दी गई है।

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