भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड के बखारपुर पश्चिमी पंचायत में रविवार शाम बकरी का चारा काटने गए 68 साल के बुजुर्ग की बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो गई। मृतक की पहचान अम्मापुर मोड़ के कुंवर टोला के रहने वाले राजेंद्र रविदास के तौर पर हुई है। जानकारी के अनुसार, राजेंद्र रविदास रोज की तरह रविवार को शाम करीब 5 बजे गांव के बाहर आम के बगीचे के पास चारा काटने गए थे। इस इलाके में गंगा की बाढ़ का पानी फैला हुआ है। चारा काटते समय उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। डूबने के बाद वे बाहर नहीं निकल सके। बताया जा रहा है कि बुजुर्ग के डूबने के दौरान आसपास के लोगों ने देखा और उन्हें बचाने के लिए शोर मचाया। लेकिन पानी की तेज बहाव और गहराई की वजह से उन्हें बचाया नहीं जा सका। बुजुर्ग की डूबने की सूचना के बाद परिजन ने खोजबीन शुरू की बुजुर्ग के डूबने की सूचना के बाद परिजन को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद बुजुर्ग के बेटे पंकज कुमार अपने अन्य परिजन के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और अपने पिता की खोजबीन शुरू की। उन्होंने बताया कि रविवार देर शाम तक तलाशी चलती रही, लेकिन अंधेरा बढ़ने के कारण राजेंद्र रविदास का रेस्क्यू नहीं किया जा सका। सोमवार को स्थानीय मुखिया, सरपंच और ग्रामीणों की मदद से शव को घटना स्थल से कुछ दूरी पर बरामद किया गया। सूचना पर बखारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भागलपुर भेज दिया। पंकज रविदास ने बताया कि पिता रोज की तरह चारा काटने गए थे, लेकिन इस बार बाढ़ का पानी ज्यादा था। उन्होंने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के इंतजाम और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है। पिता की मौत की सूचना के बाद ससुराल से पहुंची बेटी घटना के बाद से मृतक के बेटी सरिता तुरंत अपने ससुराल से मायके पहुंचे और पिता के शव से लिपटकर रोती रही। घटनास्थल पर से पिता का शव को हटाने नहीं दे रही थी। वो बार-बार बेसुध होकर बोल रही था कि मैं अब किसका चेहरा देखने के लिए मायके आऊंगी, किसका चेहरा देखकर ससुराल जाऊंगी।