नेपाल में रुक-रुक कर हो रही बारिश का असर अब सुपौल में दिखने लगा है। लगातार बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। रविवार सुबह 8 बजे कोसी बराज से 1 लाख 74 हजार 375 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि बराह क्षेत्र से स्थिर क्रम में 1 लाख 10 हजार 200 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया। इस बीच कोसी तटबंध के भीतर बसे बसंतपुर, निर्मली, मरौना, सरायगढ़-भपटियाही, किशनपुर और सुपौल सदर प्रखंड क्षेत्र के निचले इलाके के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। गांवों में खेत-खलिहान जलमग्न हो रहे हैं और आम जनजीवन प्रभावित होने लगा है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में है। अभियंताओं की टीम के साथ नाइट गार्ड तैनात प्रशासन ने कोसी के पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के अलावा सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध और विभिन्न स्परों पर अभियंताओं की टीम के साथ नाइट गार्ड तैनात किए हैं। रात में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह जनरेटर की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रकाश की सुविधा मिल सके और बचाव कार्य में बाधा न आए। सरकारी स्तर से नावों का इंतजाम इसके साथ ही प्रशासन ने तटबंध के भीतर बसे गांवों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चिन्हित स्थानों पर सरकारी स्तर से नावों का इंतजाम किया है। नावों के जरिए जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थलों पर पहुंचाने की योजना बनाई गई है। फिलहाल बाढ़ की स्थिति सामान्य फिलहाल बाढ़ की स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन अगर जलस्तर में और वृद्धि हुई तो हालात गंभीर हो सकते हैं। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। सुपौल डीएम सावन कुमार के नेतृत्व में जिला प्रशासन पूरी तरह सजग और सतर्क है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राहत और बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी।