सीतामढ़ी में माता सीता के मंदिर निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। कांग्रेस के बिहार प्रदेश प्रवक्ता राजेश राठौर ने इस मुद्दे पर भाजपा और एनडीए सरकार पर सवाल उठाए हैं। राठौर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो जारी किया है। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि वे मां सीता की जन्मस्थली पर मंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाने से खुश हैं। 'भूमि पूजन कार्यक्रम सरकारी है या धार्मिक?' हालांकि, उन्होंने यह भी पूछा कि यह भूमि पूजन कार्यक्रम सरकारी है या धार्मिक। उनका कहना है कि अगर यह सरकारी कार्यक्रम है, तो राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से इसका शिलान्यास कराया जाना चाहिए। वहीं अगर यह धार्मिक आयोजन है, तो चारों प्रमुख शंकराचार्यों की उपस्थिति में भूमि पूजन होना चाहिए। अयोध्या जैसा होगा परिणाम कांग्रेस प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि अगर भाजपा इस आयोजन का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करती है और धार्मिक संतुलन या संवैधानिक मर्यादाओं का पालन नहीं होता, तो इसका परिणाम अयोध्या जैसा होगा। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा भाजपा को सिर्फ सीतामढ़ी में ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार और देश में भुगतना पड़ेगा। 8 अगस्त को होगा शिलान्यास पूजन इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। एक ओर मंदिर निर्माण को लेकर आस्था की लहर है, तो दूसरी ओर विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। आगामी 8 अगस्त को सीतामढ़ी में अयोध्या के तर्ज पर माता जानकी के मंदिर के निर्माण का शिलान्यास पूजन होना है, जिसकी तैयारियां जोरों पर चल रही हैं।