बक्सर में कांवरियों के लिए लगे 400 सेवा शिविर:हर हर महादेव के नारों से गूंजा शहर, प्रत्याशियों ने श्रद्धालु का किया सेवा
श्रावण मास की चौथी सोमवारी पर बक्सर जिला शिवभक्ति और सेवा की भावना से सराबोर दिखा। जिले के कांवरिया मार्गों पर बक्सर से ब्रह्मपुर और बक्सर से राजपुर तक 400 से अधिक सेवा शिविर लगाए गए। इनमें स्थानीय युवाओं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के साथ आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कई संभावित प्रत्याशियों ने भी शिविर लगाए। सेवा शिविरों में कांवरियों के लिए फल, शरबत, चाय, ठंडा-गरम पानी, भोजन और मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई। कई शिविरों में आर्टिफिशियल झरनों की व्यवस्था भी की गई। यहां कांवरिये स्नान कर अपनी थकान मिटाते नजर आए। रास्ते भर सेवा समितियों के सदस्य कांवरियों का स्वागत करते हुए उन्हें शरबत, चाय और भोजन कराते दिखे। जलाभिषेक के लिए कावरियां रवाना कांवरिये जिले के रामरेखा घाट, नाथ बाबा घाट और महादेवा घाट से गंगाजल लेकर पूरी रात यात्रा करते रहे। वे बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ मंदिर, सोखा धाम, डुमरांव के जंगली नाथ शिव मंदिर तथा रोहतास और कैमूर के कई शिवालयों में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। रास्ते में श्रद्धालु हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के बीच आगे बढ़ते रहे। बक्सर जिला प्रशासन ने कांवरियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए। कांवरिया मार्गों पर छोटे-बड़े वाहनों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया। पूरी रात गश्ती दल तैनात रहे ताकि यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके। 15 साल से कांवरियों की कर रहे सेवा चौसा में सेवा शिविर लगाने वाले गोलू चौबे और ब्रजेश चौबे ने बताया कि वे पिछले 15 वर्षों से सावन की चौथी सोमवारी पर कांवरियों की सेवा कर रहे हैं। शाम 4 बजे से लेकर देर रात 2 बजे तक वे निस्वार्थ भाव से कांवरियों को सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। इस कांवरिया यात्रा ने श्रद्धालुओं की आस्था को बल दिया। साथ ही, बक्सर जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत किया। सेवा शिविरों के कारण कांवरियों की भक्ति यात्रा एक यादगार अनुभव बन गई।
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