पूर्णिया में 14 अगस्त की रात 12:01 बजे फहराया तिरंगा:1947 से चली आ रही अनूठी परंपरा; आधी रात आजादी का जश्न मनाने वाला पहला जिला

Aug 15, 2025 - 08:30
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पूर्णिया में 14 अगस्त की रात 12:01 बजे फहराया तिरंगा:1947 से चली आ रही अनूठी परंपरा; आधी रात आजादी का जश्न मनाने वाला पहला जिला
79वां स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने के लिए आज एक तरफ पूरा देश सुबह का इंतजार कर रहा है। वहीं, इसके ठीक उलट सालों से चल आ रही अनूठी और ऐतिहासिक परंपरा को कायम रखते हुए पूर्णिया के भट्टा बाजार स्थित झंडा चौक पर 14 अगस्त की मध्य रात्रि 12:01 मिनट पर ही तिरंगा फहराया गया। खुद को इस खास मौके का साक्षी बनने सदर विधायक विजय खेमका, मेयर विभा कुमारी भी समारोह में मौजूद रहे। स्वतंत्रता सेनानी के परिवार वाले, सदर विधायक विजय खेमका और मेयर विभा कुमारी ने इस उत्सव को राजकीय समारोह का दर्जा देने की मांग की और कहा 14 अगस्त की आधी रात आजादी का जश्न मनाने वाला ये पहला जिला है। इस पर हमें गर्व है। झंडा चौक रंग बिरंगे लाइट और झालरों से सजा इस दौरान ऐतिहासिक झंडा चौक रंग बिरंगे लाइट और झालरों से सजा नजर आया। एक से बढ़कर एक देश भक्ति गीतों ने लोगों को आजादी के रंग में रंग दिया। वहीं फ्लैग होस्टिंग से ठीक पहले पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने देश भक्ति गीतों पर मोहक प्रस्तुतियां दी। बच्चे हो या नौजवान, महिला हो या पुरुष सभी देशभक्ति के रंगे में दिखाई दिए। सन 1947 से चली आ रही परंपरा को कायम रखते हुए शहर के सहायक खजांची थाना क्षेत्र के भट्टा बाजार स्थित झंडा चौक पर स्वतंत्रता सेनानी रामेश्वर प्रसाद सिंह के पोते विपुल प्रसाद सिंह ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान के बीच लोगों ने तिरंगे को सलामी दी। भारत माता की जय, वंदे मातरम के जयघोष से पूरा इलाका गूंजता रहा। लोगों का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। खास मौके पर दूर-दूर से लोग झंडा चौक पर इकट्ठा हुए। एक दूसरे को जलेबी खिलाकर लोगों ने आजादी का जश्न मनाया और स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। हजारों लोग ऐतिहासिक झंडा चौक पर जमे रहे खास मौके पर हजारों लोग ऐतिहासिक झंडा चौक पर जमे रहे। इस खास मौके पर सदर विधायक विजय खेमका, मेयर विभा कुमारी और मेयर पति जितेंद्र यादव, समाजसेवी दिलीप कुमार दीपक, फ्लैग मैन अनिल कुमार चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद स्वतंत्रता सेनानी रामेश्वर प्रसाद सिंह के पोते विपुल प्रसाद सिंह ने कहा 1947 में 12 बजकर 1 मिनट पर रेडियो पर भारत के आजादी की घोषणा हुई थी। जिसके ठीक बाद ही पूर्णिया के स्वतंत्रता सेनानी व उनके दादा रामेश्वर सिंह, रामरतन साह और शमशुल हक के साथ मिलकर आधी रात को ही झंडा चौक पर तिरंगा फहराया दिया। इसके बाद से ही पूर्णिया के भट्ठा बाजार में झंडा चौक पर झंडा फहराने की परंपरा चली आ रही है। पिछले कुछ सालों से वे खुद झंडा फहरा रहे हैं। पूर्णिया वासियों के लिए ये गर्व की बात मौके पर मौजूद विधायक विजय खेमका ने कहा कि पूर्णिया वासियों के लिए ये गर्व की बात है कि वे उस ऐतिहासिक जिले के निवासी हैं, जहां बाघा बॉर्डर के बाद सबसे पहले आजादी का जश्न मनाया जाता है। हर वर्ष इस खास पल का साक्षी बनने का मौका मिलता है। परंपरा 14 अगस्त 1947 से चल रही है। इसे बरकरार रखते हुए 14 अगस्त की मध्य रात्रि में ठीक 12:01 पर ध्वजारोहण किया जाता है। हमारी मांग है कि बिहार सरकार पूर्णिया वासियों की चीर परिचित मांग पूरी करते हुए समारोह को राजकीय दर्जा दे। फ्लैग मैन अनिल चौधरी ने बताया कि ये मौका सभी पूर्णिया वासियों के लिए बेहद खास होता है। लोग कहीं बाहर भी रहते हैं, तो छुट्टी लेकर 14 अगस्त की रात ध्वजारोहण देखने आते हैं।

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