पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत निर्माण होगा:पटना एम्स के पास डेढ़ एकड़ में मछली की प्रोसेसिंग के लिए होलसेल मार्केट खुलेगा

Aug 23, 2025 - 04:30
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पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत निर्माण होगा:पटना एम्स के पास डेढ़ एकड़ में मछली की प्रोसेसिंग के लिए होलसेल मार्केट खुलेगा
राजधानी पटना में एम्स के पास मछली का होलसेल मार्केट खुलेगा। इसके लिए केंद्र सरकार से राशि मिल चुकी है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की ओर से यह मार्केट खोला जाएगा। एम्स के पास मत्स्य विभाग की डेढ़ एकड़ जमीन है, उसी पर मार्केट बनेगा। टेंडर निकालकर काम जल्द शुरू होगा। यहां पर रंगीन मछली, देसी मछलियों की धुलाई, सफाई से लेकर प्रोसेसिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था होगी। साथ ही चोइंटा निपटारे से लेकर संरक्षण की व्यवस्था होगी। कारण कि विदेशों में चोइंटा की मांग काफी है, इसलिए यहां इसका प्रबंधन किया जाएगा। आधुनिक मछली बाजार खुलने से दूसरे राज्यों में मछली भेजना और बाहर से मंगवाकर संरक्षित करना आसान होगा। मार्केट में मछलियों को संरक्षित करने के लिए कोल्ड चैम्बर बनाया जाएगा। यहां मछली मार्केटिंग से जुड़े अधिकारी भी बैठेंगे, ताकि व्यापारियों की समस्या का समाधान हो सके। मत्स्य निदेशक अभिषेक रंजन ने बताया कि एम्स के पास मत्स्य विभाग की डेढ़ एकड़ जमीन है। वहीं होलसेल मछली मार्केट बनने जा रहा है। टेंडर निकालकर मार्केट बनाने का काम जल्द शुरू होगा। विद्यापति मार्ग में खुलेगा मत्स्य मॉल राजधानी के विद्यापति मार्ग में मत्स्य मॉल खुलने जा रहा है। पांच मंजिला मॉल में मछली उत्पादन, मार्केटिंग और संरक्षण से जुड़े काम होंगे। फर्स्ट फ्लोर पर रंगीन मछलियों का एक्वेरियम बनाया जाएगा। यहां बच्चे उनकी जानकारी ले सकेंगे। सेकेंड फ्लोर पर फिश स्पा, मछली से बने उत्पादों की दुकानें और कहानियां रहेंगी। यह मॉल पटना म्यूजियम के पास बनेगा, जिसका सबसे अधिक लाभ स्कूली बच्चों को मिलेगा। जिला मत्स्य अधिकारी और संयुक्त निदेशक स्तर के अधिकारी भी मत्स्य मॉल में बैठेंगे। इसके निर्माण के लिए भवन निर्माण विभाग से अनुमति ली जा रही है। कारण कि पटना म्यूजियम के आस-पास ऊंची बिल्डिंग बनाने के लिए मंजूरी लेनी पड़ती है। मीठापुर में बनेगा मत्स्य विकास भवन मीठापुर में बनेगा मत्स्य विकास भवन मछलियों पर रिसर्च और प्रशिक्षण के लिए मीठापुर में मत्स्य विकास भवन जल्द ही तैयार हो जाएगा। यहां चार छोटे-छोटे तालाब बनाए गए हैं। जहां फिशरीज साइंटिस्ट रिसर्च कर सकेंगे। साथ ही मत्स्य पालक, फिश फीड मिल चलाने वाले, फिशरीज के छात्र-छात्राएं और अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पांच मंजिला भवन में महिलाओं के लिए अलग से हॉस्टल बनेगा। राज्य में 45 जगहों पर खुलना है मार्केट, 10 स्थान पर अतिक्रमण राज्य में 45 जगहों पर मछली मार्केट बनेगा। इसकी टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई, लेकिन मार्केट नहीं बन पा रहा है। मत्स्य निदेशालय से मिली जानकारी के अनुसार कोसी प्रमंडल में 10 जगहों पर विभाग की जमीन पर अतिक्रमण है। सीओ से जमीन चिह्नित कराने के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है, इसके कारण निर्माण नहीं हो रहा है। इसको लेकर विभाग ने नोटिस भी जारी किया है। पशु एवं मत्स्य संसाधन की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 8 लाख मीट्रिक टन मछली की खपत है। अभी 8.40 लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है। जबकि फिशको फीड के अनुसार राज्य में 10 लाख मीट्रिक टन मछली की खपत है। हर दिन 100 ट्रक आंध्रप्रदेश से मछली बिहार आती है। सबसे अधिक मछली की खपत पटना में है।

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