गया में मीडिया सेल में तैनात 28 वर्षीय सब-इंस्पेक्टर अनुज कश्यप की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है। दरअसल अनुज सहरसा के बनगांव नगर पंचायत वार्ड 03 के निवासी भावनाथ मिश्रा उर्फ टुन्ना मिश्रा के बेटे थे। अनुज की मां का निधन जब वह मात्र 9 वर्ष के थे तब हो गया था। उनकी परवरिश बड़ी चाची रंजू देवी ने की थी। परिजनों ने बताया कि अनुज की शादी दो साल पहले शांति नगर की जूही कुमारी से हुई थी, जो फिलहाल 5 महीने की गर्भवती हैं और मायके में हैं। पति की मौत की खबर सुनते ही वह गहरे सदमे में हैं और मीडिया से बात करने की स्थिति में नहीं हैं। हत्या का लगाया आरोप बड़ी चाची रंजू देवी ने कहा, "हमारा बेटा फांसी लगाकर जान देने वाला नहीं था। उसे मारकर लटका दिया गया है।" सीबीआई जांच की मांग की अनुज की भांजी सपना कुमारी ने बताया कि घटना से पहले गुरुवार रात करीब 1 बजे मामा ने बड़े भाई और भाभी से फोन पर बात की थी। उन्होंने घर के सभी लोगों का हालचाल पूछा था। सपना ने कहा, "मामा आत्महत्या नहीं कर सकते, यह हत्या है। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।" हत्या के बाद शव लटकाने का लगाया आरोप भाभी पूनम देवी के अनुसार अनुज बीते 5 साल से पुलिस सेवा में थे। वे स्वभाव से मिलनसार और खुशमिजाज थे। चाचा अनिल मिश्रा ने संदेह जताते हुए कहा कि तस्वीरों में अनुज का एक पैर बिस्तर पर है और लोअर की डोरी से फंदा बना हुआ है। उनके दोनों हाथ काले पड़े हैं। उन्होंने कहा, "यह साफ इशारा है कि पहले हत्या की गई और फिर लटका दिया गया।" बड़े भाई सौरभ कश्यप ने बताया कि अनुज ने फोन पर कहा था कि रक्षाबंधन पर छुट्टी नहीं मिल पाएगी। लेकिन वह 15 अगस्त को गांव आएंगे और 16 अगस्त को परिवार के साथ जन्माष्टमी मनाएंगे। इसके बाद उन्होंने कहा कि खाना खाकर सो जाएंगे। बहन निक्की मिश्रा ने भी कहा, "भाई हमेशा लोगों को आत्महत्या न करने की सलाह देता था। वह खुद कभी ऐसा कदम नहीं उठा सकता था।" परिवार ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।मित्र ने भी जताई हत्या की आशंका जांच की मांग की बनगांव नगर पंचायत वार्ड 03 के पार्षद प्रतिनिधि रौशन ने कहा— "अनुज मेरा घनिष्ठ मित्र था। हम तीन साल पटना में साथ पढ़े हैं। वह मेधावी और हंसमुख था। उसकी आत्महत्या की कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह साजिश के तहत की गई हत्या है।"परिवार और परिचितों का कहना है कि अगर पुलिस विभाग गहराई से जांच करे तो सच सामने आ जाएगा। फिलहाल परिजन घटना की सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हैं।