बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर अभी से ही सियासी हलचल तेज हो गई है। पश्चिम चंपारण की सिकटा विधानसभा सीट इस बार सबसे हॉट सीट मानी जा रही है। इसी कड़ी में जदयू के पूर्व मंत्री खुर्शीद आलम ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का शंखनाद कर दिया है। पिछले 15 दिनों से खुर्शीद आलम लगातार सिकटा विधानसभा में हाल-चाल सलामत पदयात्रा पर हैं। खास बात यह है कि उनका अंदाज बिल्कुल निराला है। कभी वह घोड़े पर सवार होकर जनता के बीच पहुंचते हैं,तो कभी लोग उन्हें लड्डू और सिक्कों से तौलते हैं। बुधवार को उनका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह घोड़े पर बैठे हुए क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। साथ में कई अन्य लोग भी उनके अगल-बगल में नजर आ रहे है। वहीं, पीछे सैकड़ों के संख्या में बाइक पर सवार होकर लोग खुर्शीद आलम जिंदाबाद के नारे लगा रहे है। खुद को पहनाया था चप्पल का माला इससे पहले भी खुर्शिद आलम सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने खुद को चप्पल की माला पहनाई थी। उस वक्त उन्होंने कहा था अगर मैंने आपके बीच काम नहीं किया है, तो मुझे चप्पल की माला पहना दीजिए। उनकी यह सादगी और आत्म-व्यंग्य भरी राजनीति चर्चा में रही थी। खुर्शीद आलम ने पदयात्रा के दौरान जनता से कह रहे हैं मैं आपका बेटा और भाई बनकर सेवा करता आया हूं। आपके आशीर्वाद से विधायक और मंत्री भी रहा हूं। एक बार फिर आपके आशीर्वाद की जरूरत है। 2015 में जदयू से बने थे विधायक बता दें कि खुर्शीद आलम पश्चिम चंपारण में अल्पसंख्यक समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। उन्होंने 2005 में कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल कर पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। 2015 में जदयू से विधायक बने और नीतीश सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण एवं गन्ना मंत्री भी रहे। 2020 में हार के बाद फिर से उतरे मैदान में 2020 में हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अब जब भाजपा से समृद्ध वर्मा (पूर्व विधायक दिलीप वर्मा के बेटे) और जदयू से नेहा नेसार भी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं, वहीं माले के वर्तमान विधायक वीरेंद्र गुप्ता भी सक्रिय हैं, तो यह साफ है कि सिकटा की जंग बेहद दिलचस्प होगी। लेकिन इस समय चर्चाओं में सबसे ज्यादा हैं खुर्शीद आलम का अनोखा चुनावी अंदाज घोड़े पर सवार होकर जनता के बीच जाना और लोगों से सीधा जुड़ाव बनाना। यही वजह है कि सिकटा विधानसभा का माहौल अभी से चुनावी रंग में डूबा नजर आ रहा है।