राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रविवार से कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ की शुरुआत हो रही है, जिसमें राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव और इंडिया गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता हिस्सा लेंगे। लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने के लिए है यात्रा संजय यादव ने कहा कि यह यात्रा लोकतांत्रिक अधिकारों को बचाने के लिए है। “हम लोग वोट अधिकार यात्रा को लेकर निकल रहे हैं और जनता के बीच जाएंगे। हमने 300 सांसदों के साथ चुनाव आयोग तक मार्च किया, लेकिन इस सरकार पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।” उन्होंने आगे कहा कि इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जारी है और हमें आंशिक सफलताएं मिली हैं। “आगे भी हम पूरी मजबूती के साथ सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात रखेंगे।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए स्वतंत्रता दिवस के भाषण पर टिप्पणी करते हुए संजय यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण से आत्मविश्वास की कमी झलक रही थी। “प्रधानमंत्री स्पष्ट तौर पर यह भी नहीं बता पाए कि वे देश को संबोधित कर रहे हैं या किसी संगठन विशेष को। उन्होंने भाषण में बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसे अहम मुद्दों पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने सिर्फ कुछ संगठनों की प्रशंसा में वक्त बिताया।” सीएम नीतीश के दावे पर सवाल संजय यादव ने कहा कि देश के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। प्रधानमंत्री यह नहीं बता पाए कि उन्होंने नौ वर्षों में कितने लोगों को रोजगार दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस दावे पर भी संजय यादव ने सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिहार में 50 लाख युवाओं को नौकरी या रोजगार उपलब्ध कराया गया है। संजय यादव ने इस पर तंज कसते हुए कहा, “यह बेहद हास्यास्पद दावा है, जब पूरे देश में प्रधानमंत्री इतने लोगों को रोजगार नहीं दे पाए तो मुख्यमंत्री ने कहां से दे दिया?” उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि ये ट्वीट स्वयं मुख्यमंत्री कर रहे हैं या उनकी तरफ से कोई और व्यक्ति। संजय यादव ने अंत में कहा कि राजद सिर्फ मुद्दों की राजनीति करती है। आने वाले दिनों में जनता के असली सवालों को लेकर सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रहेगा।