'राहुल-तेजस्वी की तुलना कर्पूरी ठाकुर से करना शर्मनाक':आरा में रामकृपाल यादव ने घेरा, बोले- चमचागिरी और बेलचागिरी में विपक्ष के लोग कुछ भी बोल रहे हैं
आरा में बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने कुछ लोग चमचागिरी और बेलचागिरी में राहुल-तेजस्वी की तुलना कर्पूरी ठाकुर से कर रहे है। यह सुनने के बाद हमलोग शर्मसार हो गए हैं। मुझे हंसी आती है जननायक राहुल गांधी हो सकता है, जननायक तेजस्वी यादव हो सकता है। जननायक तो कर्पूरी ठाकुर थे। जननायक तो जयप्रकाश जी थे। चमचागिरी और बेलचा गिरी में इतना मत गिर जाइए कि अपने नायकों को भूल जाए। जिसने हमारी मान और प्रतिष्ठा से बिहार तक ही नहीं देश में प्रतिष्ठा बढ़ाने का काम किया है। दरअसल, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव इन दिनों बिहार में वोटर अधिकार यात्रा कर रहे हैं। यात्रा के दौरान कांग्रेस और राजद के नेता कभी राहुल गांधी को तो कभी तेजस्वी यादव को जननायक कहकर संबोधित कर रहे हैं। जिससे सियासी घमासान मच गया है। सवालों पर विपक्ष मौन बीजेपी नेता ने आगे कहा, 'यह लोग तुलना करेंगे कर्पूरी ठाकुर का, जिन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। कर्पूरी ठाकुर छोटी जाति के थे। जनता के बीच में गरीबी और फटेहाली, ईमानदारी और निष्ठा में अपनी जीवन समर्पित कर दिया। उनका मकान नहीं था और ये लोग तुलना राहुल गांधी का कर्पूरी ठाकुर से करते हैं।' जनता सवाल कर रही है। मृतकों के नाम वोटर लिस्ट से क्यों नहीं हटने चाहिए। जिनका नाम कई जगहों पर दर्ज है, क्या उन्हें सिर्फ एक ही जगह वोटर नहीं होना चाहिए। जो लोग बिहार छोड़कर दूसरे राज्यों में वोटर बन गए हैं, उनका नाम यहां क्यों रहना चाहिए। क्या घुसपैठियों को वोटर लिस्ट में रखने का अधिकार है। इन सवालों पर विपक्ष मौन है। सिर्फ थेथर लॉजी कर रहा है। वोटर लिस्ट में कोई गड़बड़ी नहीं है रामकृपाल यादव ने कहा, 'सभी राजनीतिक दलों को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सौंप दी गई है। चुनाव आयोग रोजाना बुलेटिन जारी कर रहा है कि किस पार्टी ने कितनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। अब तक सिर्फ माले ने 10 शिकायतें की हैं, बाकी दलों ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। इसका मतलब है कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं है।' बिहार कभी बूथ कैप्चरिंग और रक्त रंजित चुनाव के लिए बदनाम था, लेकिन आज पंचायत से लेकर विधानसभा और लोकसभा तक सभी चुनाव ईवीएम से निष्पक्ष तरीके से हो रहे हैं। सोशल मीडिया के इस दौर में कोई भी गड़बड़ी छिप नहीं सकती। विपक्ष का पुराना खेल है, 'जीत गए तो बब्बर शेर, हार गए तो ईवीएम हैक और वोट चोरी का आरोप।
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