मैनिया मेला को राजकीय दर्जा मिलने के बाद पहला आयोजन:सीवान में ऑर्केस्ट्रा के आगे प्रदर्शन करते नजर आए युवा, जुलूस में लहराया लाठी-तलवार
सीवान जिले के महाराजगंज अनुमंडल स्थित प्रसिद्ध मैनिया मेला को राजकीय मेले का दर्जा मिलने के बाद पहली बार शुक्रवार को इसका भव्य आयोजन हुआ। मेले का शुभारंभ महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, जिलाधिकारी डॉ. आदित्य प्रकाश एवं पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार तिवारी ने अन्य अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के साथ विधिवत द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर जिला प्रशासन के आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में नृत्योदय द परफॉर्मिंग आर्ट्स नटपा संस्था की प्रशिक्षु नृत्यांगनाओं ने कजरी गीत पर लोक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। दर्शकों में आम लोगों से लेकर अधिकारी और जनप्रतिनिधि देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे। इस प्रस्तुति का निर्देशन जिले की मशहूर कथक नृत्यांगना एवं प्लस टू संगीत शिक्षिका श्वेता कुमारी ने किया था। राजकीय दर्जा मिलने से मेले में उत्साह का माहौल रहा। व्यापारियों ने दुकानों की साज-सज्जा कर ग्राहकों का स्वागत किया। बच्चों के लिए झूले, खिलौने और मिठाइयों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनीं। ऑर्केस्ट्रा में युवाओं ने किया प्रदर्शन हालांकि, सांस्कृतिक कार्यक्रम के बाद देर रात निकले जुलूस ने प्रशासनिक सख्ती पर सवाल खड़े कर दिए। जुलूस में लाठी-डंडे और तलवारों के साथ युवा ऑर्केस्ट्रा के आगे प्रदर्शन करते नजर आए। इतना ही नहीं, प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए डीजे का जमकर उपयोग हुआ और बार बालाओं को खुलेआम सड़कों पर नचाया गया। लोगों ने सवाल उठाया कि जब जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी पूरे दिन मेले में मौजूद थे, तब नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पुलिस पूरे घटनाक्रम में मूकदर्शक बनी रही, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। बावजूद इसके, मैनिया मेले को राजकीय दर्जा मिलने से लोगों में खुशी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम क्षेत्र के सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रशासन को कानून-व्यवस्था पर सख्त नजर रखनी होगी, ताकि परंपरा और सुरक्षा दोनों बरकरार रह सकें।
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