गया नगर निगम कार्यालय में गुरुवार को मेयर वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में पितृपक्ष मेले को इस वर्ष अधिक सुव्यवस्थित और हाईटेक बनाने का निर्णय लिया गया। मेले के दौरान तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की जाएंगी। मेला क्षेत्र में अस्थायी शौचालय बनाए जाएंगे। पीने के पानी के लिए वाटर मशीन लगाई जाएंगी। मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स की व्यवस्था की जाएगी। मेला क्षेत्र को तिरंगा और रोप लाइट से सजाया जाएगा। विष्णुपद मंदिर के आसपास की सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाएगी। सफाई व्यवस्था को चौक-चौराहों से लेकर सभी पिंडवेदी और सरोवरों तक मजबूत किया जाएगा। मेयर ने कहा कि पितृपक्ष मेला गया की पहचान है। हर वर्ष देश-विदेश से लाखों तीर्थयात्री आते हैं। बैठक दोपहर 2 बजे से रात 7 बजे तक चली। बैठक में डिप्टी मेयर चिंता देवी, नगर आयुक्त कुमार अनुराग, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य अखौरी ओंकारनाथ समेत कई पार्षद और अधिकारी मौजूद थे। सभी सदस्यों ने एकमत से प्रस्ताव को मंजूरी दी। महाकुंभ मेले तर्ज पर होगी फल्गु नदी की सफाई प्रयागराज का महाकुंभ मेले के तर्ज पर पितृपक्ष में फल्गु नदी की साफ-सफाई का काम किया जाएगा। मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पितृपक्ष में पिंडदानी फल्गु के पवित्र जल से तर्पण करते है। इससे पितरों के मोक्ष की प्राप्ति होती है। ऐसे में नदी को साफ-सुथरा रखना नगर निगम कर्तव्य बनता है। पिंडदान के बाद लोग पिंड को फल्गु नदी प्रवाहित करते है। इसे साफ करने के लिए बोट का सहरा लिया जाएगा। बोट से नदी की सफाई सुबह से लेकर शाम तक होती रहेगी। साथ ही मेले क्षेत्र में साफ-सफाई का काम आउटसोर्सिंग के तहत किया जाएगा। मांस-मछली पर रोक लगाने की सदस्यों ने उठाई आवाज सदन में वार्ड पार्षद ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि पितृपक्ष मेले के दौरान शहर में मांस-मछली की दुकानें बंद होनी चाहिए। रेलवे स्टेशन से लेकर विष्णुपद मंदिर तक जाने वाले सभी मार्गो बिक रहे मांस-मछली की दुकानों एक पखवारे तक बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की जरूरत है। बोर्ड की बैठक में मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शीघ्र ही क्लोक टावर यानी राजेन्द्र टॉवर का सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण होंगे। शहरवासी यहां घंटे की आवाज को भी सुन सकेंगे। इसके अलावा निगम की ओर से शहर में निर्माण हो रहे आठ गोलंबरों का भी शीघ्र कार्य पूरे होंगे। इनमें आधे का निर्माण कार्य पूरे हो चुके। शेष कार्य प्रगति पर है। वहीं जेपी झरना परिसर स्थित पार्क के सौंदर्यीकरण के कार्य भी पितृपक्ष मेले से पहले पूरे हो जाएंगे। 7000 स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जा रही इसके अलावा नगर आयुक्त कुमार अनुराग ने बुधवार की रात मेला क्षेत्र का दौरा कर प्रकाश व्यवस्था का जायजा लिया। नगर निगम की एजेंसी ने शहर में 103 हाईमास्ट लाइट लगाने का काम पूरा कर लिया है। इसके अलावा 7000 स्पाइरल लाइट (तिरंगा लाइट) और 7000 स्ट्रीट लाइटें भी लगाई जा रही हैं। नगर आयुक्त ने विष्णुपद मंदिर, चांदचौरा और जेपी झरना सहित मेला क्षेत्र के प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। जहां भी डार्क स्पॉट मिले, वहां जूनियर इंजीनियर और एजेंसी को तुरंत अतिरिक्त लाइट लगाने के निर्देश दिए। सहायक अभियंता और कनीय अभियंता को लाइटों की निरंतर निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। नगर आयुक्त ने कहा कि विशेष टीम सभी कार्यों की निगरानी कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। लगभग 6000 लाइटों की मरम्मती करा दी गई है। 2 से 3 दिनों में जीबी रोड और केपी रोड की भी लाइट के केबलिंग का कार्य को कर दिया जाएगा। साथ ही, डेकोरेटिव लाइटिंग की भी व्यवस्था चांद चौरा मोड़ से विष्णुपद मंदिर और सीतापथ में निगम के द्वारा कराया जा रहा है। आकर्षित सेल्फी प्वाइंट का भी अधिष्ठान विष्णुपद मंदिर में इस बार किया जा रहा है। प्रकाश व्यवस्था के लिए एजेंसी द्वारा शहर में हाईमास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट और स्पाइरल लाइट कार्य कराएं जा रहे हैं।