मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही:छह प्रखंडों में बाढ़ जैसे हालात, नाव के बिना बच्चे 'नाद' में स्कूल जाने को मजबूर
मुंगेर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। इसके चलते जिले के छह प्रखंडों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। पानी गांवों में घुस चुका है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। वेली खड़गपुर प्रखंड के लक्ष्मण टोला सठबिग्घी गांव की स्थिति बेहद चिंताजनक है। यहां अभी तक नाव की व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिससे लोग थर्मोकोल की नाव या मवेशियों को खिलाने वाले नाद का सहारा लेकर किसी तरह आवाजाही कर रहे हैं। तस्वीरों में देखा गया कि एक पिता अपने बच्चों को नाद में बिठाकर स्कूल भेजने को मजबूर है। यह प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। डीएम ने किया दौरा, राहत कार्यों में तेज के निर्देश गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पणीकर ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने हवेली खड़गपुर प्रखंड के कृष्ण नगर और लक्ष्मण टोला में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और पॉलीथिन शीट का वितरण कराया। जिला प्रशासन पूरी सतर्कता से हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत शिविर, भोजन, पशुओं के चारे और अन्य आवश्यक सेवाओं की व्यवस्था की जाएगी।उम्मीद है कि अगले दो दिनों में गंगा का जलस्तर कम हो सकता है। - निखिल धनराज निप्पणीकर , DM, मुंगेर लोगों में नाराजगी, सुविधाओं की कमी से बढ़ी परेशानी स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक न तो नाव मिली है, न ही कोई राहत शिविर या चिकित्सा सुविधा शुरू की गई है। बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल नाव, राहत सामग्री और स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था करे।
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