'बिहार में लॉ एंड ऑर्डर 2005 से बेहतर':IPS विकास वैभव बोले-राजनीति में अच्छे लोगों की जरूरत, तभी राज्य में होगा बदलाव

Aug 23, 2025 - 08:30
 0  0
'बिहार में लॉ एंड ऑर्डर 2005 से बेहतर':IPS विकास वैभव बोले-राजनीति में अच्छे लोगों की जरूरत, तभी राज्य में होगा बदलाव
लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के संस्थापक और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी विकास वैभव मानते हैं कि राज्य में केवल राजनीतिक परिवर्तन से बड़ा बदलाव संभव नहीं है। उनका कहना है कि जब तक समाज में व्यापक सामाजिक जागरण और युवाओं की सक्रिय भागीदारी नहीं होगी, तब तक बिहार अपनी असली संभावनाओं तक नहीं पहुंच पाएगा। लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान से जुड़े मुद्दों, राजनीति से जोड़कर की जाने वाली चर्चाओं, स्टार्टअप पॉलिसी, लॉ एंड ऑर्डर और बिहार के भविष्य को लेकर विकास वैभव ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। सवाल: आपके द्वारा चलाई जा रही मुहिम लेट्स इंस्पायर बिहार को अक्सर राजनीति से जोड़ कर देखा जाता है। क्या आप मानते हैं कि इस अभियान के जरिए आप अपनी राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं? जवाब : मेरा उद्देश्य बहुत बड़ा है। जैसा मैं हमेशा साझा करता रहा हूं कि केवल राजनीतिक परिवर्तन से तब तक बिहार में बड़ा परिवर्तन नहीं आएगा जब तक समाज में एक बड़ा परिवर्तन ना हो। आज बिहार जाति संप्रदाय के नाम पर जिस प्रकार से बटा हुआ है उसमे योग्य व्यक्ति को चुनने में भी जाति ही आधार रह जाती है। ऐसे में पॉलिटिकल पार्टी या जो भी पॉलिटिक्स करना चाहते हैं उनके सामने भी व्यवस्था है कि समाज की जो समीकरण है उसके हिसाब से राजनीति करें। ऐसे में बिहार को जो आवश्यकता है कि उद्यमिता की बड़ी क्रांति आए तब तक संभव नहीं होगी जब तक एक व्यापक सामाजिक परिवर्तन ना हो और विशेष रूप से युवा वर्ग के इससे ना जुड़े। मैं जिलों में भी रहा हूं तो कुछ बड़ा करने का प्रयास किया हूं। इस अभियान से सामाजिक रूप से भी पिछले 4 वर्षों से प्रयास कर रहा हूं। राजनीतिक परिवर्तन से जो परिवर्तन संभव नहीं है उससे बड़े परिवर्तन के लिए बिहार के युवाओं को तैयार करने का प्रयास कर रहा हूं। सवाल: अक्सर ऐसा होता है कि इस तरीके की पहल चुनावी मौसम में राजनीति के रंग में ढल जाती है तो क्या लेट्स इंस्पायर बिहार पर भी इसका कोई असर पड़ेगा? जवाब: यह राजनीतिक अभियान नहीं है। सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक अभियान है। जहां तक राजनीति की बात है तो अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। ईमानदार और निस्वार्थ लोग अगर राजनीति में आते हैं तो निश्चित तौर पर परिवर्तन होगा। जिस परिवर्तन को मैं देख रहा हूं वह उससे कहीं बड़ा है। यदि कुछ लोग आज की स्थिति में बिहार में आएंगे भी तो तब तक परिवर्तन नहीं होगा जब तक समाज में एक बड़ा परिवर्तन ना हो। इसलिए हर शनिवार रविवार छुट्टी के दिन मैं घूमता हूं और जगह-जगह जाता हूं और लोगों से बात करता हूं। आज ढाई लाख से भी अधिक लोग साथ मिलकर अपना योगदान दे रहे हैं। इसका असर भी दिख रहा है। 27 स्थान पर निशुल्क शिक्षा केंद्र चल रहे हैं। 350 से अधिक स्टार्टअप जुड़े हुए हैं। मेडिकल कैंप्स लग रहे हैं यह सभी ऐसे लोग हैं जो बिहार को आगे देखना चाहते हैं। सवाल : आपके बारे में चर्चा है कि आप बीजेपी से चुनाव लड़ने वाले हैं। इसमें कितनी सच्चाई है? जवाब : चर्चाएं लोकसभा चुनाव के पहले भी हो रही थी उसी तरह लोग विधानसभा चुनाव से पहले भी चर्चा कर रहे हैं। मैं अपने तरफ से स्पष्ट हूं कि एक बदले में बिहार को देखना चाहता हूं उसके लिए मैं प्रयास कर रहा हूं। सवाल: बिहार में जन सुराज भी एक अभियान के जरिए आई थी और अब वह राजनीति में तब्दील हो गई है तो प्रशांत किशोर की राजनीति को आप कैसे देखते हैं? जवाब: अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए और आने का प्रयास भी करना चाहिए। इसलिए किसी विशेष व्यक्ति का मैं नाम नहीं लूंगा। यदि अच्छे लोग राजनीति में आते हैं तो निश्चित रूप से बिहार के लिए शुभ संकेत होगा। सवाल: आपने बिहार में यात्रा भी की है तो क्या कुछ बदला हुआ दिखा और आप कहां तक पहुंच पाए हैं? जवाब: बिहार में पहले जब युवाओं से बात करते थे तो स्टार्टअप के बारे में बहुत कम युवा जानते थे लेकिन लेट्स इंस्पायर बिहार अभियान के कारण आज बड़ी संख्या में स्कूल कॉलेज में पढ़ने वाले युवा आज अभियान को जानने लगे हैं और स्टार्टअप की बात करने लगे हैं। काफी बड़ी संख्या में बिहार में स्टार्टअप लग रहे है। बिहार सरकार की भी स्टार्टअप पॉलिसी 2022 में आई और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार के भी कई स्कीम्स है। इसको भी हम जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। सवाल: युवाओं से कैसे जुड़ते हैं आप क्या आप गांव गावं जाकर सबसे मिलकर उन्हें प्रेरित करते है? जवाब: यह अभियान सोशल मीडिया पर एक आव्हान के साथ शुरू हुआ था जिसमें काफी लोगों ने अपना डाटा दिया उनके साथ व्हाट्सएप पर धीरे-धीरे ग्रुप बनने लगे। कुछ लोगों ने इसमें दायित्व ग्रहण किया तो इस प्रकार अध्याय स्थापित हो गया। आज बिहार के सभी जिलों के ब्लॉक और पंचायत में ऐसे अध्याय बने हैं जिसमें ऐसे लोग शामिल है जो बिहार को आगे बढ़ना चाहते हैं और साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा भारत के सभी महानगरों में 15 देशों में इस प्रकार के अध्याय मिलकर काम कर रहे हैं। सवाल: बिहार की लॉ एंड ऑर्डर पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। आपने भी कई सारे प्राइम का सफाया किया है तो ऐसे में क्राइम के वर्तमान स्थिति को आप कैसे देखते हैं? जवाब : अगर मैं तुलनात्मक रूप में देखूं तो बिहार में बहुत अच्छा परिवर्तन हुआ है। जिस समय 2005 में मैंने सर्विस ज्वाइन की थी तब की जो स्थिति थी और आज की जो स्थिति है उसमें बहुत परिवर्तन है। इन्वेस्टमेंट के लिए अच्छा माहौल है। सिक्योरिटी के लिए भी उस प्रकार कोई समस्या नहीं है। यदि कोई ऐसी कंसर्न्स आते हैं तो उस पर कार्रवाई की जा रही है। यह समय है जब स्टार्टअप्स बिहार में शुरू हो सकते है और उनका भविष्य बहुत उज्ज्वल होगा। सवाल: मैंने स्टार्टअप कि नहीं बल्कि लॉ एंड ऑर्डर की बात की है कि जिस प्रकार बिहार में लॉ एंड ऑर्डर चरमराया हुआ है, आपको क्या लगता है इसमें चूक कहां हो रही है? जवाब: तुलनात्मक रूप से तो मैं यही बता सकता हूं कि 2005 के और अभी के अनुभव में बहुत अच्छा परिवर्तन है। इसमें कहीं कोई संदेह नहीं है बाकी पुलिस मुख्यालय इस विषय में आपको बताता रहता है कि क्या और कैसे कार्रवाई की जा रही है। सवाल: वर्तमान में एसआईआर के मुद्दे पर हंगामा मचा हुआ है। विपक्ष भी निर्वाचन आयोग की भूमिका पर लगातार सवाल खड़े कर रही है। इसमें निर्वाचन आयोग की भूमिका को आप कैसे देखते हैं? जवाब: यह मामला तो न्यायालय तक चला गया है। उच्चतम न्यायालय ने भी स्पष्ट कर ही दिया है इसमें कुछ गड़बड़ तो लगता नहीं है। स्पष्ट है की समीक्षा होते रहती है और यह प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के द्वारा समय-समय पर की जाती है। बिहार चुनाव से पहले भी आवश्यक था और की जा रही है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
E-MEDIA NEWS Administrator at E-Media News