प्यार का झांसा देकर लड़कियों का सौदा:बेगूसराय के रेड लाइट एरिया में गैंग एक्टिव, खाड़ी देशों में 20 लाख में डील; 10 नाबालिग का रेस्क्यू
बेगूसराय के नदैल घाट बिहार का जाना माना रेड लाइट एरिया है। शुक्रवार को बेगूसराय के तीन इलाकों में पुलिस ने छापेमारी कर दो घरों से 10 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया है। इन लड़कियों का रेड लाइट एरिया से कनेक्शन बताया जा रहा है। आसपास के लोगों के मुताबिक, नदैल घाट के विवेक ने पटना में 8 से 10 लड़कों की गैंग बनाई हुई है, जो बिहार के अलग-अलग जिलों की लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर यहां लेकर आते हैं। फिर यहां से लड़कियां दूसरी जगहों के साथ खाड़ी देशों में भी सप्लाई कर दी जाती हैं। खाड़ी देशों में करीब 20 साल की लड़कियों को 15 से 20 लाख तक में बेच दिया जाता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, बेची गई लड़कियों से यहां पहले 4 से 6 महीने तक जबरन देह व्यापार कराने के बाद उन्हें देह व्यापार के दूसरे अड्डे से होते हुए खाड़ी के देशों में भेज दिया जाता है। शुक्रवार को रेस्क्यू हुई लड़कियों को बालिका गृह में रखा गया है। जब लड़कियों से बात करने की कोशिश की गई, तो पुलिस ने मना कर दिया। धारा 164 के तहत बयान दर्ज होने के बाद ही कोई उनसे मिल सकता है।तब तक उनके परिवार के लोग भी उनसे नहीं मिल सकते हैं। नाबालिग लड़कियों का नदैल घाट से कनेक्शन बेगूसराय पुलिस ने शुक्रवार को देहव्यापार के शक में आशा पोखर मोहल्ला समेत नदैल घाट में छापेमारी की थी। हालांकि इनपुट मिला कि लड़कियां बखरी बाजार से सटे आशा पोखर इलाके में हैं। जब यहां छापेमारी की गई तो दो घरों से 10 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू किया गया। दोनों घरों से रेस्क्यू की गई लड़कियां 13 से 17 साल की हैं। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में लड़कियों ने बताया, 'हमें नाच-गाने के लिए बिहार के अलग-अलग जगहों से लाकर जबरन रखा गया था।' 2 महिलाएं गिरफ्तार, बोलीं- लड़कियां हमारी रिश्तेदार वहीं, जिन दो घरों से लड़कियों का रेस्क्यू किया गया, वहां से पकड़ी गईं दो महिलाओं का कहना है, 'ये हमारी रिश्तेदार की बेटियां हैं, जो हमारे घर आई थी।' पुलिस ने मामले में रूबी देवी उर्फ रूबी खातून एवं सिम्मी कुमारी उर्फ सिम्मी खातून को गिरफ्तार किया। दोनों के घर से 5-5 लड़कियों का रेस्क्यू किया गया था। रूबी देवी ने बताया कि जितनी लड़कियों को पकड़ा गया है, वे सभी पढ़ने-लिखने वाली लड़कियां हैं। उनके स्कूल का सर्टिफिकेट हमारे पास है, जैसा पुलिस का आरोप है, वैसा कुछ नहीं है। भागलपुर-मुजफ्फरपुर, पूर्णिया तक ऑर्केस्ट्रा में जाती हैं आशा पोखर की लड़कियां नाम नहीं छापने की शर्त पर स्थानीय निवासी ने कहा, आशा पोखर में अब देह व्यापार का धंधा भले ही नहीं होता है। लेकिन ऑर्केस्ट्रा के नाम पर दूर-दूर से लाकर लड़कियों को यहां रखा जाता है।' 'लड़कियों को यहां इतना मजबूर कर दिया जाता है कि वे चाहकर भी न तो भाग पाती है और न कुछ कर पाती है। अभी भी आशा पोखर में मुजरा होता है और मुजरा में जो पसंद आ जाए तो सब काम हो जाता है।' 'यहां 8-10 ऐसी लड़कियां है, जिसे मुजरा सुनते-सुनते लोगों ने अपने लिए फिक्स कर रखा है। उसके सरगना महिला को महीना में तय रकम दे दी जाती है। इसके अलावे उस लड़की का सारा खर्च वही सफेदपोश वहन करता है। लड़कियां भागलपुर, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया तक ऑर्केस्ट्रा करने जाती हैं।' 'पुलिस जानबूझकर फंसा रही' आशा पोखर मोहल्ले के रहने वाले एक युवक ने बताया, 'जिन लड़कियों का प्रशासन ने रेस्क्यू कराया है, वे सभी स्टूडेंट्स हैं। हम लोग प्रशासन की इस कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, हम लोग कोर्ट भी जाएंगे। सभी लड़कियों का हमारे पास पहचान पत्र, 10वीं का सर्टिफिकेट है। जानबूझकर लड़कियों को और हम लोगों को फंसाया जा रहा है। पकड़ी गई सभी बच्चियां बखरी की रहने वाली हैं।' युवक ने कहा, 'किशनगंज से एक कुटुंब दो दिन पहले आया था, अपनी भाभी को विदा कर ले जाने। उसे भी पकड़ लिया गया है। पुलिस की टीम पकड़े गए कुटुंब को पटना का निवासी बता रही है।' उसने बताया, 'शुक्रवार को अचानक 40-50 पुलिसकर्मी दो घरों में घुस गए। अगर छापेमारी हुई तो हर घर में घुसना चाहिए था, लेकिन पुलिस की टीम सिर्फ दो घर घुसी और दोनों घर में से पांच-पांच लड़की को उठा लिया गया। सभी प्रूफ देते रहे, लेकिन कोई नहीं माना, प्रशासन ने मनमानी की है।' तीन रेड लाइट एरिया से 10 नाबालिग लड़कियों का रेस्क्यू DSP कुंदन कुमार ने बताया, 'बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर नाबालिग लड़कियों को ऑर्केस्ट्रा और देह व्यापार में धकेले जाने के खिलाफ स्पेशल कैंपेन 'नया सवेरा' चलाया जा रहा है। एसपी मनीष के निर्देश पर हमारी टीम ने कार्रवाई की। हमने बखरी के अलग-अलग इलाकों में एक साथ छापेमारी की। पहली छापेमारी नदैल एरिया में की गई, जहां से कुछ लड़कियों को बरामद किया गया।' 'नदैल एरिया के बाद आशा पोखर में छापेमारी की गई, जहां से कुछ लड़कियां और संदिग्ध व्यक्ति पकड़े गए। फिर इस्माइल नगर में भी छापेमारी हुई, जहां से कुछ संदिग्धों को लाया गया।' उन्होंने बताया, 'एक महिला सिम्मी के घर से 5 लड़कियों को बरामद किया गया। उसके बगल में रहने वाली रूबी खातून नाम की महिला के घर से भी 5 लड़कियों को बरामद किया गया।' ------------------- इसे भी पढ़िए,,,, पति से लड़ाई, 2 बच्चों संग महिला ने दी जान:मधेपुरा में तालाब से मिला शव; ससुर बोले-अलग रहती थी, पड़ोसी से खुदकुशी की खबर मिली मधेपुरा में एक महिला ने अपने दो बच्चों के साथ तालाब में छलांग लगाकर जान दे दी। महिला का शव रविवार की सुबह पोखर से बरामद हुआ है। जबकि दोनों बच्चे का शव शनिवार को दोपहर में उसी पोखर से बरामद किया गया था। घटना कुमारखंड थाना क्षेत्र के रौता गांव की है। मृतका की पहचान रौता वार्ड-11 निवासी राकेश कुमार यादव की पत्नी आशा देवी (25), दोनों बच्चे कृति कुमारी (2) और बेटा रियांशु कुमार (1) के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें।
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