पानी के तेज बहाव के बीच एबुंलेंस ने उतारी लाश:शव को 5KM दूर गांव ले गए परिजन, बोले-ये व्यक्ति की नहीं सिस्टम की मौत
भोजपुर जिले का शाह प्रखंड इस समय बाढ़ की चपेट में है। यहां की सड़कों पर डेढ़ से दो फीट तक पानी का तेज बहाव है। इस बीच एक वीडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग फोल्डिंग पर लाश रखकर 5 किलोमीटर दूर तक पैदल चलकर घर जाते दिखे। दरअसल, बीते दिन यानी मंगलवार को एंबुलेंस एक मरीज की लाश को दामोदरपुर गांव ले जा रही थी। इसी दौरान शाह प्रखंड में पानी के तेज बहाव को देखने के बाद एंबुलेंस ने लाश को बीच में ही रोक दिया। जिसके बाद परिजन लाश को पानी के तेज धारा के बीच गांव ले गए। इस दौरान विजय की पत्नी रेखा देवी भी रोते-बिलखते तेज बहाव में पति की लाश के पीछे-पीछे चलती दिखी। ग्रामीणों का आरोप है, 'कैंसर पेशेंट की मौत के बाद एंबुलेंस से लाश को घर ला रहे थे, लेकिन गैरा बाजार पुल पर ही ड्राइवर ने गाड़ी रोक दी और ये कहते हुए लाश को उतरवा दिया कि पानी का बहाव ज्यादा है, गाड़ी फंस जाएगी।' नीचे 4 तस्वीरें देखिए... रोती-बिलखती पति की लाश के पीछे-पीछे चलती रही पत्नी दामोदरपुर गांव के विजय कुमार (30) को अस्पताल में हाइड्रोसिल के ऑपरेशन के लिए एडमिट कराया गया था, लेकिन इलाज में डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से इन्फेक्शन बढ़ गया और कैंसर हो गया। इलाज में लापरवाही के कारण विजय की हालत बिगड़ती गई। आज सुबह जब आरा सदर अस्पताल लाया गया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी, अस्पताल में ही उसकी मौत हो गई। विजय के चचेरे भाई मुन्ना ने कहा, 'ये सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं है, यह सिस्टम की मौत है। जहां एम्बुलेंस तक गांव नहीं जा पा रही, वहां स्वास्थ्य, राहत और सुरक्षा की बात करना बेइमानी है।' 'विडंबना यह है कि ठीक उसी स्थान पर कुछ घंटे पहले भोजपुर के प्रभारी मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने निरीक्षण कर जिला प्रशासन को हरसंभव मदद देने का निर्देश दिया था।' 'SDRF की टीम मौके पर थी और लोगों को छलका पार करा भी रही थी, लेकिन विजय के शव को ले जाने के लिए कोई मदद नहीं मिली।' मंत्री ने कहा था- बिहार के खजाने पर पहला हक बाढ़ पीड़ितों का है दरअसल, दो दिन पहले इसी जगह पर बिहार सरकार के मंत्री केदार गुप्ता ने कहा था कि प्रभावितों को हर मदद मिलनी चाहिए। इसके बाद पानी के बहाव वाली जगह पर SDRF की टीम को तैनात किया गया था। वो लोगों की मदद कर रहे थे, लेकिन लाश को एंबुलेंस से उतारे जाने के बाद मदद के बजाय टीम चुपचाप तमाशा देखती रही। प्रभारी मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने सोमवार को जवइनिया गांव के दौरे के दौरान कहा था कि 20 जुलाई को भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गा प्रसाद की ओर से सूचना दी गई थी। जिसके बाद हमने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जाए। प्रशासन ने बेहतर तरीके से काम किया है। केदार गुप्ता ने कहा था कि हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा कहते हैं कि बिहार के खजाने पर सबसे पहला हक आपदा और बाढ़ पीड़ितों का है। यही सोच हमारी एनडीए सरकार की कार्यशैली में दिखती है। जहां भी कोई समस्या होगी, प्रशासन तत्परता से कार्रवाई करेगा। अबतक 135 परिवारों को राहत कैंप में शिफ्ट किया गया केदार प्रसाद ने बताया, 'अब तक लगभग 135 परिवारों को बांध पर बनाए गए अस्थायी कैंपों में शिफ्ट किया गया है, जहां भोजन, स्वास्थ्य सेवा और पशुओं के लिए चारे की पूरी व्यवस्था की गई है। किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।' 'बाढ़ का पानी उतरते ही प्रभावित लोगों को चिह्नित कर वैकल्पिक स्थान पर जमीन देकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बसाया जाएगा और जो भी लापरवाह होगा, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ना हम खाते हैं, ना खाने देते हैं।'
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