दरभंगा में 4 नाबालिगों का एक साथ अंतिम संस्कार:नदीं में डूबकर गई थी जान, 1 की नानी बोली; नतिनी को क्रिकेटर बनाना था, लाडली छोड़ गई
दरभंगा में शनिवार को 4 नाबालिगों की डूबकर मौत हुई थी। ये कमला नदीं में नहाने गए थे। रविवार को जब सभी का अंतिम संस्कार एक साथ हुआ। 3 को दादा ने और एक को चाचा ने मुखाग्नि दी है। मृतका शीतल (14) की नानी कलिया देवी ने कहा, 'नतिनी पढ़ाई-खेल, खासकर क्रिकेट में बहुत तेज थी। वह क्रिकेटर बनना चाहती थी। मैं भीख मांगकर उसे क्रिकेटर बनाती, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। वो हमारी लाडली और इकलौती नतिनी थी।' घटना घनश्यामपुर थाना क्षेत्र के भगवती कसरोर बसोली गांव की है। इनकी हुई थी मौतें मरने वालों में जयशंकर तांती का बेटा रोहित कुमार उर्फ रोहित तांती (15), प्रमोद मुखिया के बेटी अंशु कुमारी (16), नारायण मुखिया की बेटी लक्ष्मी कुमारी (15) और स्व. निर्मल साहू की बेटी शीतल कुमारी (14) शामिल हैं। अंशु को दादा महराज मुखिया, रोहित तांती को दादा बर्दी तांती, लक्ष्मी को दादा उगनत मुखिया और शीतल को चाचा संतोष साहू ने मुखाग्नि दी। चारों एक ही विद्यालय में पढ़ाई करते थे। किसी घर में चूल्हा नहीं जला ग्राम पंचायत के मुखिया रंजीत झा उर्फ गुड्डू झा ने बताया कि हादसे के बाद रविवार तक गांव में किसी घर में चूल्हा नहीं जला। लोग बिना खाए जागते रहे। उन्होंने प्रशासन से आपदा राहत कोष से मुआवजा राशि शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की। मुखिया ने यह भी सवाल उठाया कि अगर अनुमंडल स्तर पर एनडीआरएफ की टीम तैनात रहती तो बच्चों को जल्दी खोज निकाला जाता। कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत चारों के दाह संस्कार के 3- 3 हजार रुपए मिले हैं। गांव के बुजुर्ग जीवछ चौधरी ने कहा कि यह बेहद दर्दनाक हादसा है। पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। हर वर्ग के लोग पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और सरकार से मुआवजा राशि देने की मांग कर रहे हैं। एक का नहीं हुआ पोस्टमॉर्टम हादसे के बाद ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से बच्चों को नदी से बाहर निकाला गया था। इनमें से तीन शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए डीएमसीएच दरभंगा भेजा गया, जबकि एक मृतक के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से इनकार कर दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 24 घंटे लग गए और रविवार को शवों को गांव लाया गया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0