BJP सांसद ने बिहार में दिव्यांगों के लिए मांगा स्टार्टअप:26वां दिव्य कला मेला का राज्यपाल ने किया उद्घाटन; 75 स्टॉल, 20 राज्य ये पहुंचे कारीगर
पटना के गांधी मैदान में “दिव्य कला मेला” का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री वीरेंद्र कुमार, सांसद रवि शंकर प्रसाद और मंत्री मदन सहनी ने किया। यह मेला आज से शुरू होकर 31 अगस्त 2025 तक चलेगा और इसमें देशभर से दिव्यांग कारीगर व उद्यमी पहुंचकर अपने कला का प्रदर्शनी कर रहे हैं। इस मेले के जरिए “लोकल के लिए वोकल” को बढ़ावा दिया जा रहा हैं। 100 से भी अधिक दिव्यांगों ने लगाए 75 स्टॉल इसमें लगभग 100 दिव्यांग कारीगर/कलाकार देशभर से हिस्सा ले रहे हैं और 20 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मेले में कुल 75 स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें हस्तशिल्प, हथकरघा, कढ़ाई कार्य, आभूषण, परिधान, खिलौने, गृह सज्जा की सामग्री और पैकबंद खाद्य उत्पाद शामिल हैं। मेले की ये है खासियत आगंतुकों के लिए प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक मेला खुला रहेगा। प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें दिव्यांग कलाकार प्रस्तुति देंगे। 31 अगस्त को विशेष सांस्कृतिक संध्या “दिव्य कला संध्या” का आयोजन होगा। मेले में आने वालों को अलग-अलग राज्यों के खास व्यंजनों का भी स्वाद मिलेगा। इस दौरान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि दिव्यांग जन का यह महाकुंभ एकता में अनेकता का प्रतीक है। दिव्यांगों के कला को प्रदर्शित करने का एक अनोखा मंच है। हमारे यहां यह कह गया हैं कि हर किसी के अंदर दिव्यता है। ये देह है अपने आप में परमात्मा का मंदिर है। दुनिया में कोई भी अयोग्यता के साथ पैदा नहीं होता। हर इंसान अपने आप में खास होता है। 28 अगस्त को रोजगार मेले का भी आयोजन केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने कहा कि जब मुझे यह मंत्रालय दिया गया उसी वक्त मैंने अधिकारियों के साथ बैठकर चर्चा की थी कि दिव्यांगों के लिए हमें कुछ करना चाहिए। इसके पहले पटना में 2023 में इस मेले का आयोजन किया गया था और अब यह दूसरी बार इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। पहले यह अपने घरों और गांव में सामान बनाते थे लेकिन उसकी बिक्री के लिए प्लेटफॉर्म नहीं मिल रहा था लेकिन इस मेले के माध्यम से इन्हें अपने सामान को बेचने का प्लेटफार्म मिला है और अब तक इस मेले के जरिए 30 करोड़ से भी ज्यादा का व्यापार कर लिया है। 28 अगस्त को यहां पर रोजगार मेले का भी आयोजन किया जा रहा है जिसमें करीब 200 बड़ी कंपनियां आएंगी और दिव्यांगों को नौकरी दी जाएगी। रविशंकर प्रसाद ने केंद्रीय मंत्री से दिव्यांगों के लिए स्टार्टअप की मांग की सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि यह दिव्यांगता की यात्रा सिर्फ और सिर्फ सोच की यात्रा है। दिव्यांग नहीं हैं ये दिव्य हैं। यह पूरी सोच कमजोरी की थी इसको हटाना है। रवि शंकर प्रसाद ने केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार से आग्रह किया कि देश अब स्टार्टअप का है। दिव्यांगजनों में अब स्टार्टअप को प्रोवोक करना है, जिसका दिमाग नई सोच में काम करता हो। आपका सार्वजनिक जीवन का लंबा अनुभव है। आप दिव्यांगों को विशेष ट्रेनिंग देकर स्टार्टअप के लिए तैयार करे। 26वां संस्करण, पटना की मेजबानी पटना में हो रहा यह आयोजन “दिव्य कला मेला” की श्रृंखला का 26वां संस्करण है। इसकी शुरुआत 2022 में हुई थी और तब से अब तक यह मेला दिल्ली, मुंबई, भोपाल, गुवाहाटी, चेन्नई, जयपुर, हैदराबाद, रांची, विशाखापत्तनम, पुणे, सूरत, अहमदाबाद और उदयपुर जैसे शहरों में सफलतापूर्वक आयोजित हो चुका है। भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) और इसकी शीर्ष संस्था नेशनल दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) द्वारा आयोजित यह मेला दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
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