'12 साल के बच्चे का गला रेता, प्राइवेट पार्ट काटा':पिता बोले- इकलौता बेटा था, उसे क्यों मारा; मां स्कूल बैग दिखाकर रोती-बिलखती रही

Aug 31, 2025 - 08:30
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'12 साल के बच्चे का गला रेता, प्राइवेट पार्ट काटा':पिता बोले- इकलौता बेटा था, उसे क्यों मारा; मां स्कूल बैग दिखाकर रोती-बिलखती रही
'शाम 6 बजे के करीब मनखुश ट्यूशन पढ़कर घर आया। बिछावन पर बैग रखकर खेलने चला गया। बेटे के जाने के थोड़ी देर बाद बारिश होने लगी। बारिश छूटने के बाद शाम करीब 7 बजे तक अमृतांशु उर्फ मनखुश घर नहीं लौटा। बेटियां उसे खोजने के लिए प्लेग्राउंड तक गईं, लेकिन वो वहां नहीं मिला। इतना बोल कर सीता देवी बदहवास हो जाती है।' थोड़ी देर में जब होश आता है तो रोते हुए पास मौजूद महिलाओं से कहने लगती है, 'तीन बेटियों के बाद भगवान से एक बेटा मांगा था। काफी मन्नत-मनौती के बाद बेटा घर में आया था। मन में काफी खुशी थी, पहली बार बेटे का चेहरा देखा तो लगा था- यही बुढ़ापे में हमको सुख देगा, इसलिए इसका नाम 'मनखुश' रखा था।' इतना कहने के बाद पास में बैठी महिला को पकड़कर सीता देवी रोने लगती है, 'कहती है कि दीदी... बताओ न भला किसी ने मेरे जिगर के टुकड़े को क्यों मार डाला?' जैसे सीता देवी शांत होती है, खड़ी होकर उस कमरे की ओर भागती है, जहां अमृतांशु पढ़ाई करता था। बेटे के स्कूल बैग को उठाकर कहती है कि 'मनखुश पढ़ाई में काफी तेज था। खेलता था, कहता था कि शरीर से तंदरुस्त रहूंगा तो एसपी, डीएसपी बनूंगा।' 'गुरुवार को रोज की तरह दोपहर 2 बजे स्कूल से आया था। दो घंटे सोने के बाद चार-साढ़े चार बजे छोटी बहन सोनाक्षी के साथ ट्यूशन पढ़ने भी गया था। शाम को 6 बजे घर लौटा और बैग रखकर खेलने चला गया। मुझे क्या पता था कि मेरा बेटा अब नहीं लौटेगा।' ये बातें साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के खरहट गांव के रहने वाले श्याम दास यादव की पत्नी सीता देवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कही। दरअसल, श्याम दास यादव के 12 साल के बेटे अमृतांशु की क्षत-विक्षत लाश शुक्रवार को घर से करीब 500 मीटर दूर खेत से बरामद की गई थी। आखिर अमृतांशु की इतने निर्मम तरीके से हत्या किसने की, वारदात के पीछे की आखिर वजह क्या रही, ये जानने के लिए दैनिक भास्कर रिपोर्टर खरहट गांव पहुंचे। पढ़िए, अमृतांशु के घरवालों ने क्या बताया। घटनास्थल से 500 मीटर दूर ही अमृतांशु का घर था मुंगेर घाट साइड से जाने पर गांव की शुरुआत में ही बड़ा सा मैदान दिखा, जहां आजाद स्पोर्टिंग क्लब का एक शेड दिखा। थोड़ी दूर आगे एक प्ले ग्राउंड दिखा, जहां से मात्र 100 मीटर दूर घास के खेत में अमृतांशु की क्षत-विक्षत लाश मिली थी। घटनास्थल को पुलिस ने चारों ओर से रस्सी से घेर रखा है। घटनास्थल से 500 मीटर दूर ही अमृतांशु का घर था। आसपास दिखे गांव के लोगों से जब घटनास्थल तक चलने का रिक्वेस्ट किया गया, तो लोगों ने जाने से इनकार कर दिया। कहा कि आपको अमृतांशु के घर लेकर चलते हैं। जो जानकारी लेनी होगी, उनके माता-पिता से पूछ लीजिएगा। हालांकि, इसी दौरान करीब 15 साल का एक लड़का मिला, जो घटनास्थल तक जाने के लिए तैयार हुआ। लेकिन वो भी बमुश्किल 30 सेकेंड ही रुका और कहा- मुझे डर लग रहा है, आप अमृतांशु के घर चलिए। आखिर कैसे, किसने और क्यों किया अमृतांशु का मर्डर? जब श्याम दास यादव के घर पर पहुंचे तो देखा कि घर रिश्तेदारों और गांव के लोगों से भरा हुआ है। पिता श्याम दास घर आने जाने वाले लोगों से मिल रहे थे, बेमन से उनके पूछे सवालों का जवाब दे रहे थे। हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा था कि आखिर कैसे, किसने और क्यों किया अमृतांशु का मर्डर? घटना के बाद से ही एसपी मनीष के निर्देश पर बलिया डीएसपी (ट्रेनी IPS) साक्षी कुमारी के नेतृत्व में पुलिस लगातार इनपुट, मैन्युअल और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई में जुटी है। सभी पहलुओं पर जांच-पड़ताल चल रही है। 'मेरे बेटे ने किसी का क्या बिगाड़ा था? श्याम दास कहते हैं, 'हमने तो आज तक किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा। तीन बेटियों पर एक बेटा था। सोचा था कि पढ़ा-लिखा कर एसपी, डीएसपी, कलेक्टर, बड़ा अधिकारी बनऊंगा। लेकिन पता नहीं किस निर्दयी हत्यारे ने मेरे बेटे अमृतांशु की निर्मम तरीके से हत्या कर दी।' 'उसका आधा गला रेत दिया, पेट फाड़ दिया, आंतें निकाल दी, प्राइवेट पार्ट तक काट लिया। कोई इतने निर्मम तरीके से मेरे मासूम बेटे की हत्या कैसे कर सकता है।' श्याम दास यादव बताते हैं, मैंने बेटे का इंग्लिश मीडियम स्कूल में एडमिशन कराया था। गुरुवार को जब शाम करीब 7:30 बजे तक वो घर नहीं आया, तो हम लोग उसे तलाशने लगे। देर रात तक खोजते रहे, पता नहीं चला। मुझे लगा कि दोस्त के साथ सो गया होगा, या गांव में लगे मेला में चला गया होगा। गांव के दो बाइक से चार आदमी मानसी मेला में अमृतांशु को खोजने गए, मेला में अनाउंस भी कराया, लेकिन बेटे का कुछ पता नहीं चला। श्याम दास यादव ने कहा, 'शुक्रवार दोपहर गांव का एक लड़का और मेरा छोटा भाई पशुओं के लिए घास काटने खेत की ओर गए। वहां देखा तो अमृतांशु की लाश पड़ी थी। छोटे भाई ने मुझे बताया कि भइया जल्दी आइए, अनर्थ हो गया है। मुझे लगा कि कुछ अनहोनी हुई है।' 'मैंने पत्नी और बेटियों से कुछ नहीं बताया। जिस हालत में था, उसी हालत में दौड़ते हुए खेत पर गया। देखा तो अमृतांशु का आधा गला कटा हुआ था। पेट काटा गया था, आंत बाहर निकली थी। उसका पैंट भी सरका था, हत्यारे ने निर्मम तरीके से मेरे बेटे का प्राइवेट पार्ट भी काट लिया था।' पिता की खड़ाऊं दिखाकर कहा- अमृतांशु ने दादा के लिए दो दिन पहले मंगवाया था आंसू भरी आंख से श्याम दास पास में खाट पर बैठे अपने पिता यानी अमृतांशु के दादा के पास पहुंचते हैं और उनका खड़ाऊं उठाकर बताते हैं कि अमृतांशु ने दो दिन पहले ही मुझसे 1100 रुपए लिए थे। मेले में से अपने दादा के लिए ये खड़ाऊं खरीदकर लाया था। उसके दादा को चलने में दिक्कत होती है, तो उनके लिए छड़ी भी लेकर आया था। खुद के लिए एक चप्पल भी खरीदी थी, जो घटनास्थल पर ही मिला। श्याम दास ने बताया, 'घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। खोजी कुत्ता को भी बुलाया गया, जिसने बेटे के चप्पल के पास चक्कर भी लगाया था।' 'हमें न्याय चाहिए, जो हत्यारा है, उसे सजा मिले, मेरा घर उजड़ गया, हम बर्बाद हो गए। जो हत्यारा है, उसे फांसी की सजा, निर्दोष फंसे नहीं, दोषी बचे नहीं।' '2008 में मेरी मां पंचायत समिति सदस्य बनी थी। हम मम्मी का सब काम करते थे, पंचायती भी करते थे। स्पष्टवादी रहने के कारण सही फैसला करता था।' पुलिस का दावा- जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा अमृतांशु की हत्या को लेकर एसपी मनीष ने बताया कि 'गुमशुदगी का आवेदन मिलने के बाद से पुलिस जांच पड़ताल कर रही थी। बच्चे की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसकी लाश मिलने की सूचना परिजनों से मिली।' 'पुलिस सभी पहलुओं पर जांच पड़ताल कर रही है। FSL ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। परिजनों ने अभी तक किसी का नाम नहीं बताया है। परिजन अगर बयान में नाम देंगे तो पुलिस उस पॉइंट पर भी जांच करेगी। जल्द ही मामले का उद्भेदन कर लिया जाएगा।' ------------ ये भी पढ़ें... बेगूसराय में बच्चे की गला रेत कर हत्या:बदमाशों ने प्राइवेट पार्ट काटा, पिता पंचायत में सुनाते थे फैसला, दुश्मनी में मर्डर की आशंका बेगूसराय में 14 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई। ये साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के खरहट गांव के रहने वाले श्याम दास यादव के 14 साल के इकलौते बेटे अमृतांशु कुमार उर्फ मनखुश कुमार है। एसपी मनीष सहित पुलिस टीम की जांच के बाद पोस्टमार्टम कराते हुए लाश गांव आते ही रात में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़िए

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