सहरसा में आगामी 29 अगस्त से 7 सितंबर तक राजगीर में होने वाले हॉकी हीरो एशिया कप की गूंज अब पूरे बिहार में सुनाई देने लगी है। पहली बार बिहार राज्य खेल प्राधिकरण इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी कर रहा है। इसे जन-जन तक पहुंचाने और खेल के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए निकाली गई “ट्रॉफी गौरव यात्रा” मंगलवार को सहरसा पहुंची। डीएम ने खिलाड़ियों के साथ उठाई ट्रॉफी सहरसा पहुंचने पर जिला प्रशासन एवं खेल प्रेमियों ने ट्रॉफी यात्रा का भव्य स्वागत किया।कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी दीपेश कुमार स्वयं खिलाड़ियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ट्रॉफी उठाते नजर आए। यह दृश्य देखकर बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह भर गया।डीएम ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल शारीरिक मजबूती नहीं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और संघर्ष की सीख भी देता है। सैकड़ों छात्रों की मौजूदगी शहर के प्रेक्षागृह में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों और संस्थानों से आए सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्हें खेलों से जुड़ने और ट्रॉफी यात्रा से प्रेरणा लेने की अपील की गई। एशिया की आठ टीमें होंगी शामिल जिले के खेल पदाधिकारी वैभव कुमार ने जानकारी दी कि राजगीर में होने वाली एशियाई मेंस हॉकी चैंपियनशिप में एशिया की आठ शीर्ष टीमें भाग लेंगी।उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए गर्व की बात है कि पहली बार इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन यहां हो रहा है। खेल प्रेमियों में बढ़ा उत्साह ट्रॉफी यात्रा के आगमन से न सिर्फ खिलाड़ियों, बल्कि जिले के आम लोगों में भी एशिया कप को लेकर गर्व और जिज्ञासा देखने को मिली।खेल प्रेमियों का कहना है कि यह आयोजन नई पीढ़ी को खेलों के प्रति प्रेरित करेगा और बिहार की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत बनेगी।