भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर में रविवार को दुर्गा पूजा को लेकर पहली बैठक आयोजित की गई। 22 सितंबर से शुरू होने वाले दुर्गा पूजा महोत्सव की तैयारियों को लेकर इस बैठक में कई निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता बड़ी दुर्गा मंदिर के अध्यक्ष शिबम चौधरी ने की। बैठक में पूजा पंडाल की सजावट, आकर्षक लाइटिंग, भव्य प्रतिमा निर्माण और बेहतर व्यवस्थाओं पर विशेष रूप से चर्चा हुई। साथ ही इस वर्ष दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शांति और सौहार्द्र का माहौल बनाए रखने पर सभी सदस्यों ने जोर दिया। अध्यक्ष शिबम चौधरी ने कहा कि मंदिर समिति इस वर्ष पूजा में और भी भव्य आयोजन करेगी, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी प्रशासन से समन्वय किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चिकित्सा शिविर और पानी की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां समिति के सदस्यों को सौंपी गईं। इस अवसर पर बड़ी दुर्गा मंदिर के प्रधान पुजारी संजय पाठक ने कहा कि इस वर्ष पूजा में धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष ख्याल रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि पूजा की हर प्रक्रिया परंपरागत ढंग से ही संपन्न कराई जाएगी। पूजा समिति का मुख्य ध्यान स्वच्छता और सुव्यवस्थित आयोजन पर रहेगा मंदिर समिति के उपाध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह ने कहा कि इस बार पूजा समिति का मुख्य ध्यान स्वच्छता और सुव्यवस्थित आयोजन पर रहेगा। मंदिर समिति के वरिष्ठ सदस्य अनिमेष कुमार सिंह और आशीष कुमार प्रभात ने संयुक्त रूप से कहा कि हर साल सुल्तानगंज की दुर्गा पूजा की भव्यता बढ़ रही है। इस बार समिति ने तय किया है कि पूजा पंडाल को आकर्षक लाइटिंग और थीम आधारित सजावट से सुसज्जित किया जाएगा। साथ ही दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के समय सांप्रदायिक सौहार्द्र और शांति कायम रखने के लिए विशेष पहल की जाएगी। लोगों की एकता और सहयोग सबसे बड़ी ताकत बैठक में मौजूद अधिवक्ता राजकुमार ने कहा कि पूजा जैसे सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में लोगों की एकता और सहयोग ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने अपील की कि श्रद्धालु पूरे उत्साह और शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार में शामिल हों।