पूर्णिया महिला कॉलेज में संस्कृत दिवस सप्ताह के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। समारोह कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. डॉ अनंत प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में महिला कॉलेज सभागार में आयोजित की गई। इसमें यूनिवर्सिटी के शिक्षक समेत सैकड़ों छात्राएं शामिल हुई। संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. मिताली मीनू ने स्वागत भाषण से समारोह की शुरुआत की। कार्यक्रम में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें विश्वविद्यालय की छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। विशेष प्रस्तुतियों में प्राची कुमारी का शिव तांडव स्त्रोत और चांदनी कुमारी का हरि स्तोत्र पर भरतनाट्यम नृत्य ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। जबकि सरस्वती कुमारी ने प्रधानाचार्य को उनका हस्तनिर्मित रेखाचित्र भेंट किया। बोले- संस्कृत सीखने के बाद दुनिया की किसी भी भाषा को सीख सकते हैं समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य डॉ. गुप्ता ने संस्कृत भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत संस्कृत के साथ ही अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने छात्राओं को सभी भाषाओं का ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया। आगे उन्होंने कहा कि संस्कृत ही विश्व की समस्त भाषाओं की जननी है। संस्कृत को सीखने के बाद हम दुनिया की किसी भी भाषा को सीख सकते हैं। संस्कृत भाषा ने ही कैलेंडर दिया। इस भाषा के महत्व के कारण ही इंग्लैंड में स्कूलों में इसे पढ़ाया जा रहा। कार्यक्रम में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें प्राची कुमारी ने प्रथम, चांदनी कुमारी ने द्वितीय और साक्षी चौधरी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. उषा शरण और डॉ. मृदुलता ने योगदान दिया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार स्वरूप श्रीमद्भागवत गीता प्रदान की गई, वहीं अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार दिए गए।