दरभंगा के जवाहर नवोदय स्कूल के छात्र जतिन गौतम की 8 जुलाई को मौत हुई है। जांच में आत्महत्या की पुष्टि हुई है। जिलाधिकारी व वरीय पुलिस अधीक्षक के आदेश पर अपर समाहर्ता (जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी), नगर पुलिस अधीक्षक और जिला शिक्षा पदाधिकारी की संयुक्त टीम ने जांच कर मंगलवार को रिपोर्ट सौंपी। अपर समाहर्ता अनिल कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और छात्रों-शिक्षकों के बयान से स्पष्ट है कि जतिन गौतम ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या की। यह घटना सुबह पीटी और नाश्ता करने के बाद कक्षा शुरू होने के बीच यानी 7:15 से 10:25 बजे के बीच हुई। जांच में सामने आया कि जतिन अक्सर बीमार रहता था और अन्य छात्रों से अलग-थलग रहता था। घटना से एक दिन पहले उसने अपनी मां और पिता से फोन पर बात की थी, जिसमें उसने नवोदय विद्यालय में रहने को लेकर कहा था कि वो यहां नहीं रहना चाहता। किसी बच्चे ने नहीं की रैगिंग की बात स्वीकार बच्चा घर पर रहकर फुटबॉल खेलना चाहता था। इस कारण वह डिप्रेशन में था। जांच में किसी भी छात्र ने रैगिंग या उत्पीड़न की बात स्वीकार नहीं की। हालांकि, जतिन के पिता ने वार्डन शिक्षक बालेश्वर पासवान पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। घटना के दिन उनकी पत्नी से बालेश्वर पासवान के परिजनों ने मारपीट की थी। जांच में यह भी पाया गया कि घटना वाले दिन प्रिंसिपल मो. शाकिर और ड्यूटी पर मौजूद वार्डन अफताब आलम ने जतिन के पीटी, नाश्ता और कक्षा में गैरमौजूद रहने के बावजूद खोजबीन नहीं की। नर्स को भी उसकी बीमारी की सूचना नहीं दी गई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जतिन के आवासीय अरावली हॉस्टल के गेट पर सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था। साइड में लगे कैमरे के फुटेज उपलब्ध कराने का निर्देश प्रिंसिपल को दिया गया है। घटना के दिन जतिन की बहन आंचल कुमारी को विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम में प्रमाणपत्र वितरण के लिए दरभंगा भेजा था। थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा जांच में पाया गया कि फोरेंसिक टीम के देरी से पहुंचने पर थाना प्रभारी ने स्वयं घटना का वीडियो बनवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। ग्रामीणों के विरोध पर शव को फिर से हॉस्टल में लौटाया गया। इस पर थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच टीम ने नवोदय विद्यालय परिसर के प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी लगाने की अनुशंसा की है। संवाददाता सम्मेलन में नगर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार चौधरी और उप निदेशक जनसंपर्क सत्येंद्र प्रसाद भी मौजूद थे। हॉस्टल में नहीं रहना चाहता था बच्चा जवाहर नवोदय विद्यालय पचाढी दरभंगा के आठवीं कक्षा के छात्र जतिन गौतम की मौत मामले में मंगलवार को जिला स्तरीय जांच दल ने रिपोर्ट जारी करते हुए इसे आत्महत्या (सुसाइड) बताया है। जांच दल ने कहा कि जतिन हॉस्टल में रहना नहीं चाहता था, इसी कारण उसने यह कदम उठाया। जतिन के पिता भाजपा महामंत्री संतोष साहू और मां मुखिया रूबी कुमारी ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि जांच टीम ने उन्हें कुछ भी नहीं पूछा, न ही उस समय के विद्यालय प्रिंसिपल से कोई पूछताछ की गई। परिजनों ने एडीएम पर लगाया आरोप परिजनों ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “घटना के दिन 8 जुलाई का सीसीटीवी फुटेज नहीं दिया गया। जब फुटेज नहीं है तो यह निष्कर्ष कैसे निकाला गया कि हमारे बेटे ने आत्महत्या की?” परिजनों का आरोप है कि जांच दल में शामिल एडीएम अनिल कुमार ने उनसे कोई बातचीत तक नहीं की और बगैर ठोस आधार के रिपोर्ट को आत्महत्या करार दे दिया। जतिन की मौत को लेकर गांव और विद्यालय प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों ने मामले की फिर से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।