बिहार के सीएम नीतीश कुमार आज गृह जिला नालंदा के एक दिवसीय दौरे पर रहेंगे। इस दौरान विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। साथ ही एशिया अंडर-20 रग्बी सेवेन्स चैंपियनशिप की तैयारियों का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हवाई मार्ग से राजगीर पहुंचेंगे। हॉकी मैदान के पास हेलीपैड पर उतरेंगे। वहां से वे सीधे कार्यक्रम स्थल पर जाएंगे। बेलौवा गांव से खेल विश्वविद्यालय तक फोरलेन परियोजना का शिलान्यास करेंगे। निर्माण कार्य पर 139 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इस फोरलेन के निर्माण से न केवल यातायात की समस्या का समाधान होगा, बल्कि राजगीर आने वाले पर्यटकों और खिलाड़ियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। आरओबी का उद्घाटन करेंगे
शिलान्यास के बाद मुख्यमंत्री बिहारशरीफ-राजगीर मार्ग पर निर्मित आरओबी(रेल ओवर ब्रिज) का उद्घाटन करेंगे। इस ओवरब्रिज के खुलने से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलेगी। यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। उद्घाटन के तुरंत बाद यह पुल आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। रग्बी सेवेन्स चैंपियनशिप की तैयारियों का लेंगे जायजा मुख्यमंत्री राजगीर खेल परिसर में पहुंचकर एशिया अंडर-20 रग्बी सेवेन्स चैंपियनशिप की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण करेंगे। भारत की महिला और पुरुष दोनों टीमें पहले से ही राजगीर पहुंच चुकी हैं। अन्य देशों की टीमें 7 अगस्त को यहां पहुंचने वाली हैं। खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार 8 अगस्त को भव्य उद्घाटन समारोह का आयोजन होगा। जबकि मुख्य प्रतियोगिता 9 और 10 अगस्त को होगी। मुख्यमंत्री इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों से भी मुलाकात करेंगे और उन्हें प्रोत्साहित करेंगे। रॉयल भूटान मॉनेस्ट्री का निरीक्षण सीएम नीतीश कुमार निर्माणाधीन रॉयल भूटान मॉनेस्ट्री का निरीक्षण भी करेंगे। हॉकी मैदान के पीछे वैतरणी नदी के मार्ग पर स्थित यह मॉनेस्ट्री भूटान सरकार के सहयोग से निर्मित की जा रही है। भारत-भूटान मैत्री का प्रतीक यह मॉनेस्ट्री भारत-भूटान की गहरी मित्रता का जीवंत उदाहरण है। वर्ष 2009 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस परियोजना के लिए ढाई एकड़ जमीन भूटान सरकार को दान में दी थी। 2018 में मुख्यमंत्री ने इसका शिलान्यास किया था, जिसमें हजारों भूटानी नागरिकों के साथ महारानी जी खेनपो भी उपस्थित थीं। मॉनेस्ट्री की विशेषताओं में भगवान बुद्ध की 70 फीट ऊंचे मंदिर में स्थापित 10 फीट की भव्य प्रतिमा शामिल है। मंदिर के चारों कोनों पर भूटान के चार संरक्षकों की प्रतिमाएं लगाई गई हैं। इसके अलावा दो गेस्ट हाउसों में कुल 74 कमरे और डॉर्मेट्री की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दिसंबर में इसके औपचारिक उद्घाटन की संभावना है।