'विधायक रहते कानून मेरे हाथ में था, अपराधियों को बचाया':किशनगंज में AIMIM के पूर्व विधायक तौसीफ आलम ने फेसबुक लाइव के जरिए दी जानकारी
किशनगंज के मसानगांव हाट में AIMIM नेता और बहादुरगंज से पूर्व विधायक तौसीफ आलम ने एक जनसभा के दौरान विवादित बयान देकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। आलम ने अपने कार्यकाल के दौरान गंभीर आपराधिक मामलों, जैसे फांसी या जहर से संबंधित घटनाओं में लोगों को कानून से बचाने में मदद करने का दावा किया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कई बार उन्होंने लोगों को राहत देने के लिए कानून का उल्लंघन किया। यह बयान उन्होंने अपने फेसबुक लाइव के जरिए सार्वजनिक किया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस बयान ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। 'मैंने कई लोगों को गंभीर आपराधिक मामलों में दी राहत' तौसीफ आलम ने जनसभा में कहा, "मेरे कार्यकाल में कानून मेरे हाथ में था। मैंने कई लोगों को गंभीर आपराधिक मामलों में राहत दी।" उनके इस बयान ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि विपक्षी दलों को भी हमला करने का मौका दे दिया। विपक्ष ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और कानून का दुरुपयोग करने वाला बयान करार दिया है। वहीं, AIMIM समर्थकों का कहना है कि आलम ने अपने क्षेत्र में लोगों की मदद के लिए यह कदम उठाया, जो उनकी लोकप्रियता को दर्शाता है। किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक चर्चाएं तेज यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बिहार में चुनावी माहौल गर्म है। तौसीफ आलम के इस बयान से किशनगंज और आसपास के क्षेत्रों में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोग इसे उनकी साहसिक छवि मान रहे हैं, जबकि अन्य इसे कानून का खुला उल्लंघन बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर बहस छिड़ी हुई है। कानूनी कार्रवाई की उठ रही मांग राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान AIMIM की चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिससे वह अपने समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, यह बयान उनके और उनकी पार्टी के लिए जोखिम भरा भी साबित हो सकता है। फिलहाल, इस मामले पर कानूनी कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
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