मोतिहारी में साइबर ठगी गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार:एक हीं खाते से हुआ था 1 करोड़ का ट्रांजेक्शन; मास्टरमाइंड की तलाश जारी
मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चकिया थाना क्षेत्र से गिरोह के 6 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में चकिया वार्ड 24 के दिलशान अहमद और इरशाद, रामकरण पकड़ी वार्ड 11 के आसिक जमाल, चकिया वार्ड 7 के शिभु तिवारी, छया छपरा वार्ड 4 के संदीप कुमार और शितलपुर वार्ड 7 के रवि रंजन कुमार शामिल हैं। साइबर डीएसपी अभिनव परासर के अनुसार, गिरोह के सदस्य फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों को ठगते थे। वे बिजली बिल अपडेट, लोन और पुलिस बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धोखाधड़ी करते थे। मामले की जांच यूपी के हरदोई से मिली शिकायत के बाद शुरू हुई। एक मोबाइल नंबर से 1.75 लाख रुपए की ठगी की दो शिकायतें मिली थीं। 17 अगस्त को की गई छापेमारी में छह आरोपी पकड़े गए। गिरोह का नेटवर्क हरियाणा, पंजाब, तेलंगाना, उत्तराखंड और हैदराबाद तक फैला है। मास्टरमाइंड राशिद जमाल असम और महाराष्ट्र से अपने भाई आसिक जमाल के साथ नेटवर्क चलाता था। आसिक गिरफ्तार हो चुका है, जबकि राशिद की तलाश जारी है। 1 करोड़ का ट्रांजेक्शन होने पर खाते को लगाया होल्ड जांच में पता चला है कि आसिक जमाल के चकिया स्थित बैंक खाते में करीब 1 करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ। बैंक ने इस खाते पर होल्ड लगा दिया था। आरोपी ने होल्ड हटवाने के लिए आवेदन दिया था, जिसकी जांच की जा रही है। इस कार्रवाई का नेतृत्व साइबर डीएसपी अभिनव परासर ने किया। टीम में इंस्पेक्टर मुमताज आलम, राजीव कुमार सिन्हा, मनीष कुमार, नवीन कुमार, दारोगा सौरभ आजाद, प्रियंका कुमारी सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। व्हाट्सएप चैट से मिला सुराग बरामद मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि गिरोह के साथ कई और लोग जुड़े हैं। आरोपी साइबर फ्रॉड से मिले रुपये सीडीएम मशीनों के जरिये दूसरे स्थानों पर भेजते थे और इसमें अपना कमीशन काट लेते थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 9 मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड, 2 पासबुक, 3 चेक बुक, 1 बायोमेट्रिक मशीन, 1 क्यूआर स्कैनर और कई बैंकों के डिजिटल डिटेल्स बरामद किए हैं। इससे गिरोह के नेटवर्क और तरीके का खुलासा हुआ है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0