मधेपुरा व्यवहार न्यायालय ने छह साल पहले आपसी रंजिश में हुई हत्या के मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए आरोपी नथुनी साह को दोषी ठहराया। एडीजे-9 रघुवीर प्रसाद की अदालत ने शंकरपुर थाना क्षेत्र के बथान परसा निवासी नथुनी साह को सश्रम आजीवन कारावास और 40 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। हत्या के बाद मक्के की खेत में फेंकी थी लाश अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता जयनारायण पंडित ने बताया कि यह घटना 23 दिसंबर 2019 की है। शंकरपुर थाना क्षेत्र के बथान परसा वार्ड 4 निवासी रंजू देवी ने अपने बेटे मिथिलेश कुमार की हत्या के आरोप में नथुनी साह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, घटना वाले दिन शाम करीब 7 बजे मिथिलेश ने अपनी मां को बताया कि नथुनी साह ने उसे फोन कर बुलाया है। इसके बाद वह मोटरसाइकिल से घर से निकला, लेकिन देर रात तक नहीं लौटा। परिजनों ने रात में मिथिलेश से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल बंद था। अगले दिन सुबह 9:30 बजे ग्रामीणों ने बताया कि मिथिलेश की बाइक मल्हनवा सड़क के किनारे खड़ी है, लेकिन वह वहां नहीं था। संदेह होने पर परिजन और ग्रामीणों ने तलाश शुरू की। दोपहर करीब 3 बजे भलुआहा बाजार में अनंत लाल यादव के मकई खेत में मिथिलेश का शव मिला। उसके सिर पर धारदार हथियार से हमला किया गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 8 लोगों की गवाही के बाद सुनाया फैसला घटना की सूचना पर शंकरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। रंजू देवी ने आरोप लगाया था कि नथुनी साह ने अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उनके बेटे की हत्या की। मामले में अभियोजन पक्ष ने 8 गवाहों की गवाही पेश की। अदालत ने गवाहों के बयान, साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद नथुनी साह को दोषी ठहराया। उन्हें सश्रम आजीवन कारावास और 40 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाए।