भोजपुर के उदवंतनगर थाना क्षेत्र के चर्चित प्राइवेट शिक्षक धर्मेंद्र कुमार की हत्या हुई थी। पुलिस ने मंगलवार को गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो नामजद मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के पास से अवैध हथियार और गोलियां भी बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पवना थाना के पवार गांव निवासी रवि यादव और पवना गांव निवासी अंकित गुप्ता के रूप में हुई है। दोनों को उदवंतनगर थाना और डीआइयू की संयुक्त टीम ने रघुनीपुर इलाके से पकड़ा। एसपी राज ने इसकी जानकारी दी। दो देसी पिस्टल, एक कट्टा और नौ जिंदा कारतूस बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो देसी पिस्टल, एक कट्टा और नौ जिंदा कारतूस बरामद किया है। बरामद हथियारों में एक 9 एमएम का पिस्टल भी शामिल है। एसपी राज ने बताया कि दोनों लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर थे। इससे पहले पुलिस इस कांड में रघुनीपुर निवासी आरोपित युगेश को झारखंड से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं, 11 अगस्त को पांच वांछित आरोपियों के घरों पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई भी की गई थी। 23 जुलाई 2025 की शाम पवार गांव निवासी प्राइवेट शिक्षक धर्मेंद्र कुमार अपने साथी इंजीनियर राजू कुमार और उनके आठ साल के बेटे ऋषभ कुमार को आरा रेलवे स्टेशन छोड़ने के लिए बाइक से निकले थे। बाइक धर्मेंद्र चला रहे थे। भागते समय अपराधियों ने इंजीनियर राजू को भी गोली मारी बेलाउर गांव स्थित एक नंबर स्टैंड के पास बाइक सवार तीन अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। धर्मेंद्र को पांच गोलियां लगीं और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। भागते समय अपराधियों ने इंजीनियर राजू को भी गोली मार दी थी। हालांकि, राजू किसी तरह बच निकले। घटना के पीछे जमीन विवाद की वजह सामने आई थी। मृतक के चाचा सुरेश सिंह के बयान पर छह आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें रवि यादव, अंकित गुप्ता और युगेश पर सीधे फायरिंग कर हत्या करने का आरोप है। पवार गांव निवासी भोला यादव, राहुल यादव और पवन यादव पर रेकी करने का आरोप लगाया गया था। एसपी राज ने कहा कि फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और बहुत जल्द उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।