भागलपुर-हंसडीहा फोरलेन परियोजना में बड़ा बदलाव:सड़क की चौड़ाई 65 से घटकर 60 मीटर, सर्विस लेन 7 से 5.5 मीटर; 30 करोड़ की होगी बचत
दो साल से अटकी भागलपुर-हंसडीहा फोरलेन (एनएच-133ई) सड़क निर्माण परियोजना में अब बड़ा बदलाव किया गया है। भूमि अधिग्रहण की समस्या और स्थानीय विरोध के चलते सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने पुराना टेंडर निरस्त कर दिया है। अब संशोधित डीपीआर के आधार पर नया टेंडर जारी होगा। 60-65 मीटर से घटकर 55-60 मीटर होगी चौड़ाई नए प्रस्ताव के तहत सड़क की चौड़ाई 60-65 मीटर से घटाकर 55-60 मीटर कर दी गई है। वहीं, सर्विस लेन को भी 7 मीटर से घटाकर 5.5 मीटर किया गया है। इस बदलाव से भूमि अधिग्रहण का खर्च 105 करोड़ से घटकर लगभग 80-85 करोड़ रुपये रह जाएगा। साथ ही कई घर टूटने से बच जाएंगे। स्थानीय विरोध के बाद लिया गया फैसला बांका के रजौन बाजार और आसपास के इलाकों में भूमि अधिग्रहण को लेकर लोगों ने जोरदार विरोध किया था। एकतरफा जमीन लेने की शिकायत जिला प्रशासन से लेकर पटना तक पहुंची थी। इसी के बाद मोर्थ के क्षेत्रीय अधिकारी विष्णु मूर्ति ने निरीक्षण कर परियोजना में बदलाव की सिफारिश की। कई इलाकों में घटेगा भूमि अधिग्रहण संझा, आगियाचक, टेकनी, धौनी, कटियामा, बखड़ा बेला, रजौन और केवाड़ी में पहले 10.02 एकड़ भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव था। अब इसे घटाने की योजना है। हाट पुरैनी, सांझा, रजौन और पुनसिया में सर्विस रोड की चौड़ाई 5.5 मीटर रखी जाएगी। इससे स्थानीय लोगों के मकान बचेंगे और विवाद नहीं होगा। जलजमाव से बचने के लिए ड्रेनेज सिस्टम नई योजना के तहत सीमित चौड़ाई में ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा ताकि जलजमाव की समस्या न हो। इंजीनियरों का कहना है कि इन संशोधनों से निर्माण लागत और समय दोनों में कमी आएगी। 2023 में जारी हुआ था 765 करोड़ का टेंडर सितंबर 2023 में 765 करोड़ रुपये की लागत से भागलपुर से ढाकामोड़ के खड़हरा गांव तक फोरलेन बनाने के लिए टेंडर जारी हुआ था। लेकिन भूमि अधिग्रहण की समस्या जस की तस बनी रही। निजी जमीन और मकान को लेकर लोगों के विरोध के कारण अब संशोधित डीपीआर तैयार कर नया टेंडर निकाला जाएगा।
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