बेगूसराय में स्कूली बच्चों ने पेड़ों को बांधी राखियां:वृक्ष की रक्षा का संकल्प लिया, कहा- ये हमारे लिए पूजनीय, इनसे ही हमारा जीवन है
भाई-बहन के प्यार और स्नेह का पर्व रक्षाबंधन शनिवार को मनाया जाना है। जिसमें भाई अपनी बहन से रक्षासूत्र बंधवा कर उसकी सुरक्षा का संकल्प लेंगे। लेकिन उससे पहले बेगूसराय में आज सैकड़ों बच्चों ने पेड़ में रक्षासूत्र बांध कर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया है। वृक्षाबंधन बंधन का यह आयोजन भारद्वाज गुरुकुल में किया गया। जहां प्रत्येक वर्ष सैकड़ों बच्चे पेड़ में रक्षा सूत्र बांध कर उसके प्रति आभार एवं सम्मान प्रकट करते हैं। पेड़ों की रक्षा का शपथ लेते हैं। जिसके कारण विद्यालय परिसर में हजारों पेड़ बच्चों एवं विद्यालय परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग से जीवित हैं। मौके पर शिवप्रकाश भारद्वाज ने कहा कि हम सब पेड़ों के कारण ही जीवित हैं। हमारे ऊपर वायु, जल, भोजन सहित कई अन्य उपकार पेड़ों का है। वृक्षाबंधन के माध्यम से छात्र-छात्राएं समाज से अनुरोध करते हैं कि बच्चों को प्रकृति से जोड़ें। पेड़ साक्षात ईश्वर हैं, यह प्राणवायु न दे तो हम तीन मिनट में मर जाएंगे। भोजन और जल से ही हमारा अस्तित्व है। सावन महीने में प्रकृति हमें अरबों लीटर जल देती है, यही जल हमारे जीवन का आधार है। दो सौ वर्ष पूर्व सीमेंट के आविष्कार से पहले पेड़ पौधे ही मंदिर होते थे। कुछ जगह ही पत्थर के मंदिर बनाए गए थे। आज भी पेड़ पौधे पूजनीय हैं, इनसे ही हमारा जीवन है। पेड़ पौधों से भावनात्मक संबंध होने के बाद बच्चे उसके रक्षक हो जाते हैं, उसकी परवाह करते हैं। राजस्थान के बिश्नोई समाज ने विश्व को यह रास्ता दिखाया है। प्रकृति के संरक्षण दिल और मन बांधे बगैर नहीं हो सकता है। मन में प्रकृति के प्रति सम्मान होने पर व्यक्ति न सिर्फ पौधा लगाता है, वह उसका संरक्षक भी हो जाता है। आज दूषित पर्यावरण करोड़ों लोगों के जीवन के स्तर को खराब कर दिया है। बच्चों के कोमल मन पर वृक्षाबंधन जैसी गतिविधि गहरा असर छोड़ता है। किताबों की दुनिया से बाहर आकर बच्चे पेड़ को गले लगाते हैं, उसे मित्र समझते हैं। उसे ईश्वर जैसा सम्मान देते हैं, यह उनके मन मस्तिष्क पर आजीवन छाप छोड़ता है।
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