पूर्णिया में शहीद स्मारक पर राजकीय समारोह का आयोजन:मंत्री विजय चौधरी-लेशी सिंह ने शहीद स्मारक पर दी श्रद्धांजलि, 25 अगस्त 1942 को शहीद हुए थे 15 स्वतंत्रता सेनानी
पूर्णिया के धमदाहा में शहीद स्मारक पर राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। भारत छोड़ा आंदोलन के दौरान 25 अगस्त 1942 को धमदाहा थाना में तिरंगा लहराने के दौरान 15 स्वतंत्रता सेनानी शहीद हो गए। शहीदों की याद में साल 2023 से इस दिवस को राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाता रहा है। स्मारक प्रांगण में इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। राजकीय समारोह में बिहार सरकार के जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी, खाद्य उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह मौजूद रही। मौके पर अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया। श्रद्धांजलि दी और उनकी कुर्बानी को याद किया। इसके बाद राष्ट्र ध्वज फहराया। शहीदों के परिजन को मंत्रियों ने किया सम्मानित मौके पर 25 अगस्त 1942 को धमदाहा थाना जलाने के दौरान शहीद हुए 15 वीर सपूतों के परिजनों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को साल, साफा और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, मंत्री ने शहीदों के सम्मान में वृक्षारोपण कर पर्यावरण का संदेश दिया। समारोह में मौजूद मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस बाबत बिहार सरकार में मंत्री विजय चौधरी ने शहीदों को याद करते हुए कहा कि राज्य सरकार शहीदों के सम्मान में राजकीय समारोह की घोषणा की है। धमदाहा के वीर सपूत भारत छोड़ो आंदोलन में आज ही के दिन अंग्रेजी हुकुम की गोली से शहीद हो गए थे और आज उनके परिजनों को सम्मानित करने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने शहीदों को सम्मान देने के लिये हमेशा काम किया है। अंग्रेजों की गोलियों से 15 क्रांतिकारी शहीद हो गए थे मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि साल 1942 में महात्मा गांधी के आह्वान पर भारत छोड़ो आंदोलन में पूर्णिया और आसपास के हजारों लोगों ने धमदाहा थाना को जला दिया था। इस दौरान अंग्रेज अधिकारियों और सिपाहियों ने गोली चलाई थी, जिसमें 15 लोग शहीद हो गए थे। उनकी शहादत की याद में धमदाहा में शहीद स्मारक बनाया गया है। जहां हर साल 25 अगस्त को अगस्त क्रांति शहीद दिवस मनाया जाता है। साल 2023 में इस कार्यक्रम को राजकीय समारोह का दर्जा दिया गया। इसके बाद से निरंतर शहीद स्मारक पर राजकीय समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को इस अवसर से सीख लेनी चाहिए। उनके बलिदान के कारण ही आज हम सब यहां इकट्ठे हुए हैं। आज राजकीय समारोह के मौके पर उन लोगों ने संकल्प लिया है कि इन शहीदों की शहादत से प्रेरणा लेकर आने वाली पीढ़ी उनके आदर्शों पर चलकर देश के निर्माण में आगे बढ़े।