पानी देख मंत्री लौटे,गाड़ी में बैठे रहे पवन सिंह:भोजपुर के जवइनिया गांव से 5.5Km दूर रुके केदार गुप्ता, भीड़ देख गाड़ी में बैठे रहे एक्टर

Aug 4, 2025 - 20:30
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पानी देख मंत्री लौटे,गाड़ी में बैठे रहे पवन सिंह:भोजपुर के जवइनिया गांव से 5.5Km दूर रुके केदार गुप्ता, भीड़ देख गाड़ी में बैठे रहे एक्टर
बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता भोजपुर जिले के जवइनिया गांव में जाने से इनकार कर दिया और इसकी जिम्मेदारी अन्य नेताओं को देकर चलते बने। दरअसल, केदार प्रसाद गुप्ता भोजपुर जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। जवइनिया गांव के लोगों का कहना है कि, मंत्री जी घुटना भर पानी देखकर डर गए। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता सोमवार को बाढ़ के बाद कटाव से जूझ रहे भोजपुर के शाहपुर विधानसभा के जवइनिया गांव में पीड़ितों से मुलाकात करने गए थे। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के जाने के करीब 90 मिनट बाद भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह जवइनिया गांव के पीड़ितों से मिलने के लिए लखनऊ से भोजपुर पहुंचे। गौरा बाजार पहुंचते ही पवन सिंह के आने की जानकारी के बाद उनके फैंस ने हजारों की संख्या में उनकी गाड़ी को घेर लिया। पवन सिंह के फैंस उनसे ऑटोग्राफ, सेल्फी लेने की डिमांड करने लगे। इसके बाद भीड़ देखकर पवन सिंह की टीम ने गौरा बाजार के आगे जवइनिया गांव जाने से इनकार कर दिया। भीड़ की वजह से गांव में नहीं जा सके पवन सिंह पवन सिंह को प्रशासन की ओर से जवइनिया गांव जाने से मना किया गया था। कहा गया था कि भीड़ जुट सकती है, नदी भी उफान पर है, प्रशासन की ओर से आपको सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जा सकती है। इसके बावजूद पवन सिंह सोमवार शाम चार बजकर 22 मिनट पर गौरा बाजार पहुंचे, लेकिन भीड़ की वजह से आगे नहीं जा सके। करीब 30 मिनट तक भीड़ से घिरे रहने के बाद पवन सिंह गाड़ी से आरा की ओर वापस रवाना हो गया। हालांकि, पवन सिंह वापस हो गए, लेकिन उनके साथ पीड़ितों के लिए लाए गए राहत सामाग्री को जवइनिया गांव के लोगों के हवाले कर दिया गया। तस्वीरों में देखिए ​​जवइनिया गांव के हालात मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता भाजपा के नेताओं, एसपी और डीएम के साथ मंत्री जवइनिया की ओर बढ़े, लेकिन किसी ने उन्हें बता दिया कि आगे जाने में खतरा है, सड़क पर पानी बह रहा है। इसके बाद मंत्री जवइनिया गांव से 5.5 किलोमीटर पहले गौरा बाजार में रुक गए। यहीं डीएम को जरूरी दिशा निर्देश दिया और कहा कि पीड़ितों को हर हाल में सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके बाद मंत्री ने साथ में मौजूद पूर्व विधायक मुन्नी देवी के पति को पीड़ितों से मुलाकात करने की जिम्मेदारी सौंपी और खुद वापस लौट गए। मंत्री के लौटने के बाद स्थानीय लोगों ने कहा कि, 'मंत्री डेढ़ से दो फीट पानी देखकर ही डर गए और भाग गए। सोचिए, हम लोग या फिर जो पीड़ित हैं, वे कैसे रह रहे हैं।; मंत्री का बांध पर इंतजार करते रह गए पीड़ित जवइनिया गांव में पिछले 15 से 20 दिनों से कटाव हो रहा है। 650 से ज्यादा घर गंगा के कटाव के कारण पानी में समा चुके हैं। प्रभावित लोग एक किलोमीटर दूर बांध पर अस्थायी रूप से तंबू बनाकर रह रहे हैं। तंबू में रह रहे लोगों के मुताबिक, अब तक सरकार का कोई भी नेता हम लोगों का हाल जानने नहीं आया। आज पता चला था कि मंत्रीजी आने वाले हैं, लेकिन वे डेढ़ फीट पानी देखकर ही डर गए। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता के गौरा बाजार पहुंचने और जिलाधिकारी को निर्देश देने का एक वीडियो भी सामने आया है। मौके पर मौजूद भाजपा की पूर्व विधायक मुन्नी देवी के पति ने मंत्री से आग्रह किया कि वे किसी तरह गांव तक पहुंचें, लेकिन मंत्री ने यह कहते हुए मना कर दिया कि नेता आप ही है,विधायक आप ही है हमारे,आपको देखना है। मंत्री केदार प्रसाद के जाते ही गांव वाले भड़क गए। उन्होंने कहा कि मंत्री आए तो थे, ग्रामीणों से मिलने के लिए लेकिन मंत्री जी पानी देखकर घबरा गए। लोग बांध पर उनका इंतजार कर रहे थे, बोल रहे थे कि मंत्री जी से अपना दुख बांटेंगे। मंत्री जी आएंगे तो वे खुद देखेंगे कि हमारी क्या हालत है, किस हाल में रह रहे हैं, लेकिन ये तो घुटने तक पानी देखकर डर गए। उन्होंने कहा कि मंत्री ने पानी देखकर कहा कि हम कैसे जाएंगे, मीडिया के भाइयों ने भी देखा है कि डेढ़ से दो फीट ही पानी है, इसमें भी मंत्री को जाने से डर लग रहा था। देखकर तो यही लगा कि मंत्रीजी को आम जनता से कोई मतलब नहीं है। ग्रामीण ने तंज कसा, कहा- शायद मंत्री जी घर से मॉनिटरिंग कर रहे थे ग्रामीण सुनील कुमार ठाकुर ने बताया कि, शाहपुर विधानसभा के दामोदरपुर पंचायत के जवइनिया गांव में दो वार्ड हैं- वार्ड नंबर 4 और वार्ड नंबर 5। दोनों वार्ड में 800 घर हैं, जिनमें 80 फीसदी यानी 640 से ज्यादा घर गंगा में समा चुके हैं। महिलाएं, लड़कियां और बच्चे गांव से थोड़ी दूर बने बांध पर अस्थायी रूप से तंबू लगाकर रह रहे हैं। गांव की कुल आबादी 2500 से लेकर 3000 है। 1400 से ज्यादा मतदाता हैं। गांव उजड़ने के बाद करीब सैकड़ों परिवार बांध पर शरण लिए हैं। यहां अस्थायी शिविर में सैकड़ों महिलाएं, बच्चे और लड़कियां पिछले 15 दिनों से तेज हवा, भारी बारिश और धूप की मार झेल रही हैं। पढ़िए, मंत्री केदार गुप्ता और पूर्व विधायक के पति के बीच क्या बातचीत हुई? मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता: पानी... पानी अगर ज्यादा हुआ तो उसमें से कैसे? भुअर ओझा: ज्यादा नहीं है सर, इतना (घुटना से नीचे इशारा करते हुए) ही है। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता: कैसे निकला जाएगा, चलिए ठीक है, आप लोग हइए हैं तो... भीड़ की ओर देखते हुए कहते हैं कि नेता आप हैं हमारे, विधायक आप हैं हमारे, आपको देखना है, क्या? चुनाव आपको लड़ना है, विधायक आप हैं, चलिए ठीक है। मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि नीतीश कुमार का कहना है कि राज्य के खजाने पर आपदा से पीड़ितों का पहला हक है। जिला प्रशासन की ओर से सभी 135 घरों के करीब 500 परिवारों को बांध पर कैंप बनाकर उनकी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। ------------------------- ग्राउंड रिपोर्ट- 'सत्तू खाकर घर बनाया, गंगा मइया सब बहाकर ले गई':भोजपुर के 640 से ज्यादा घर गंगा में समाए, बांध पर रात गुजारने को मजबूर परिवार 'ऐ, भइया... एक-एक रुपए जुटाकर घर बनाया था, शादी की उम्र की बेटियां हैं, रिश्तेदारों के घर छोड़ आए है और हमलोग बांध पर पिछले 15 दिनों से रह रहे हैं। खाने पीने के लिए कई लोग सामान दे देते हैं, लेकिन रहने का कोई ठिकाना नहीं है।' 'हम लोगों ने मजदूरी, दूसरे के खेतों में काम कर और सत्तू खा-खाकर घर बनाया था, लेकिन 50 साल की मेहनत चंद मिनट में बह गई। गंगा मइया सब बहा ले गई। अब हमारे जीवन में अंधेरा छा गया है।' पूरी खबर पढ़ें

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