औरंगाबाद में 5 दिन पहले शहर के टिकरी मोहल्ला स्थित नाला में 8 साल का बच्चा हमजा डूब गया। अब तक बच्चा नहीं मिला है। घटना के दूसरे दिन से ही स्थानीय प्रशासन की टीम मासूम को ढूढ़ने में लगी है। एसडीआरएफ की टीम के साथ 15 मछुआरे डूब कर लापता हुए मासूम को ढूंढने में लगे हैं। जिस जगह पर बच्चा नाले में गिरा था, प्रशासन के मौजूदगी में वहां पुलिया को तोड़ा गया है। लेकिन पुलिया के नीचे नाला में काफी दलदल होने के कारण बच्चा नहीं मिल सका है। नाला में डूबे मासूम के परिजन प्रतिदिन सुबह से नाला के पास इस उम्मीद से पहुंचते हैं कि आज उनका बच्चा मिल जाएगा। लेकिन अंधेरा होने तक वे निराश होकर घर लौट जाते हैं। परिजनों ने जिला प्रशासन से नाला में डूबे 8 साल के मासूम हमजा के शव को बरामद किए जाने की गुहार लगाई है। परिजनों ने कहा कि अगर किसी अमीर व्यक्ति के बच्चे का शव होता तो प्रशासन दिन-रात कर शव को ढूंढ लेती, लेकिन हम लोग गरीब परिवार से आते हैं। जिसके कारण प्रशासन की ओर से लापरवाही की जा रही है। यही कारण है कि 5 दिन बीतने के बाद भी अभी तक शव बरामद नहीं किया जा सका है। नगर परिषद पर लगाया लापरवाही का आरोप स्थानीय मोहल्लावासी नगर परिषद पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। टिकरी मोहल्ला के ही रहने वाले शाहनवाज ने बताया कि इस नाले में शहर के बाहर से पानी आता है। इसके कारण हर साल बरसात में लोगों को परेशानी होती है। कई मोहल्ले में बाहर से आने वाले पानी सड़क पर जमा रहता है। पानी लोगों के घर में भी घुसा है। ऐसी स्थिति में छोटे-छोटे बच्चों को डूबने का खतरा बना रहता है। पिछले साल भी डूबने से एक बच्चे की मौत हुई थी। इस साल भी खेलने के दौरान मासूम हमजा नाला में डूब गया। अगर नाला के दोनों और जाली लगा रहता तो बच्चा उसमें नहीं गिरता। घटना के बाद सत्ताधिकारी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। फोटो खिंचवाकर वापस लौट जा रहे हैं। शनिवार की शाम शहर के टिकरी रोड स्थित वार्ड नं-15 निवासी रहमद के बेटे हमजा नाला में गिर गए थे। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने उसे बचाने की कोशिश की। लेकिन वह असफल रहा था। घटना की सूचना पर पुलिस की टीम वहां पहुंची थी। मोहल्लेवाली ने सड़क जाम की कोशिश की थी स्थानीय लोगों ने अपने स्तर से काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिला। दूसरे दिन रविवार को मोहल्लावासी उग्र हो गए। मस्जिद के पास सड़क जाम करने का प्रयास किया गया। इसकी सूचना पर नगर थाना की पुलिस वहां पहुंची व लोगों को समझो जाकर शांत कराया। रविवार की शाम में डीएम श्रीकांत शास्त्री, एसपी अंबरीश राहुल, एसडीओ संतन कुमार सिंह, एसडीपीओ सदर वन संजय कुमार पांडेय घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में ही नाला पर बना पुलिया जेसीबी की मदद से तोड़ा गया। काफी देर तक बच्चे की खोजबीन की गई। लेकिन वह नहीं मिला। शाम होने के बाद अधिकारी वापस लौटने लगे, तो बच्चे के परिजनों ने उनका रास्ता रोक दिया। महिलाएं गाड़ी के आगे आ गई। अधिकारियों ने दूसरे दिन एसडीआरएफ की टीम को बुलवाकर मासूम को ढूंढने का आश्वासन दिया। इसके बाद मोहल्लावासी शांत हुए व उन्हें जाने दिया गया।