नालंदा में तीन साल पूर्व जिला शिक्षा भवन निर्माण को मिली स्वीकृति आज भी कागजों में दम तोड़ रही है। जमीन की तलाश में भटक रहे अधिकारियों के कारण शिक्षा विभाग के कर्मचारी जर्जर इमारत में अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। नालंदा कॉलेजिएट स्थित परीक्षा भवन में संचालित हो रहे जिला शिक्षा कार्यालय की स्थिति चिंताजनक है। समग्र शिक्षा कार्यालय की छत से लगातार टुकड़े गिरते रहते हैं। जिससे कर्मचारियों की जान को खतरा बना रहता है। कई बार तो कर्मचारी बाल-बाल बचे हैं। बारिश में छत से टपकता है पानी मानसून के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। छत से लगातार पानी टपकने के कारण महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलों को बचाना मुश्किल हो जाता है। कर्मचारियों को छाता लगाकर काम करना पड़ता है। समग्र शिक्षा विभाग की गुहार समग्र शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने अपनी व्यथा को लेकर डीपीओ को पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि भवन की हालत पूर्णतः क्षतिग्रस्त है और यहां काम करना जान जोखिम में डालने के समान है। यदि तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। चार करोड़ की महत्वाकांक्षी योजना नए शिक्षा भवन की योजना काफी महत्वाकांक्षी है। 720 वर्ग फुट क्षेत्र में चार मंजिला भूकंपरोधी भवन का निर्माण होना है, जिस पर फर्नीचर सहित 4.09 करोड़ रुपए खर्च होंगे। बिहार आधारभूत शैक्षणिक संरचना निगम लिमिटेड को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। भवन की विशेषताएं चारों मंजिल में वातानुकूलित कमरें, प्रत्येक कार्यालय के साथ अटैच शौचालय और बाथरूम, ग्राउंड फ्लोर पर वाहन पार्किंग, प्रथम तल पर कॉन्फ्रेंस हॉल, डीईओ कार्यालय, डीपीओ कार्यालय, एमआईएस और तकनीकी सेल के लिए अलग स्थान। विभाग की सफाई जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि शिक्षा भवन निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश जारी है। जैसे ही जमीन मिलेगी, निर्माण कार्य तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। समग्र शिक्षा कार्यालय की मरम्मत के लिए सहायक अभियंता को प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।