गयाजी में मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक क्षत्रनील सिंह ने सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षकों के साथ त्रैमासिक समीक्षा बैठक की। इस दौरान बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को शांति और निष्पक्ष माहौल में संपन्न कराने की तैयारियों की प्लानिंग पर चर्चा से हुई। आईजी ने सभी एसपी को आदेश दिया कि जिले की सीमा पर सिलिंग प्वाइंट्स को पूरी तरह एक्टिव किया जाए। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और वाहनों की लगातार सघन जांच हो। इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही न हो। इसकी जांच भी सीनियर आफिसर करें। रात्रि गश्त बढ़ाने पर जोर आईजी ने कहा कि पेंडिंग कांडों की संख्या घटाने के लिए जिलावार लक्ष्य तय किया गया है। गंभीर मामलों की निगरानी खुद एसपी करेंगे। सभी पदाधिकारियों को 15 दिनों के भीतर 100 प्रतिशत मामलों का पर्यवेक्षण पूरा करने का आदेश दिया गया। अपराध नियंत्रण पर जोर देते हुए उन्होंने सभी जिलों को टॉप-10 अपराधियों की सूची तैयार करने और प्राथमिकता पर अरेस्टिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। चोरी और गृहभेदन जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाने की बात कही। वरीय अधिकारी खुद गश्ती चेकिंग करेंगे। साथ ही असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने, सीसीए-3 और 12 का प्रस्ताव भेजने तथा अपराध से अर्जित संपत्ति को नए आपराधिक कानून की धारा 107 बीएनएसएस के तहत कुर्क करने का आदेश भी दिया। इस त्रैमासिक बैठक में थाना संचालन, वारंट व कुर्की निष्पादन, अभियुक्तों की गिरफ्तारी और बेहतर पुलिसिंग से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की गई। आईजी ने स्पष्ट किया कि इन सभी निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा अगली त्रैमासिक बैठक में होगी। 101 पदाधिकारियों का तबादल क्षेत्रीय स्थानांतरण समिति की बैठक भी हुई। इसमें जिलावधि पूर्ण कर चुके पुलिस अवर निरीक्षक श्रेणी के 101 पदाधिकारियों के तबादले का निर्णय लिया गया। इनमें गया के 37, औरंगाबाद व अरवल के 20-20 और नवादा के 24 पदाधिकारी शामिल हैं। इस मौके पर अरवल के एसपी डॉ. इनामूल हक मेंगनू, औरंगाबाद के एसपी अम्बरीष राहुल, जहानाबाद के एसपी विनीत कुमार, नवादा के एसपी अभिनव धीमान और गया नगर एसपी रामानंद कुमार कौशल मौजूद रहे।