राज्य में अगस्त माह में हुई भारी बारिश और नदियों के जलस्तर में वृद्धि से आई बाढ़ के कारण मधेपुरा सहित 14 जिलों में फसलों को भारी क्षति हुई है। ऐसे प्रभावित किसानों के लिए सरकार ने कृषि इनपुट अनुदान-2025 के तहत आवेदन करने का अवसर उपलब्ध कराया गया है। जिला कृषि पदाधिकारी रितेश रंजन ने बताया कि जिन किसानों की फसल का नुकसान 33% से अधिक हुआ है वे ऑनलाइन आवेदन कर लाभ ले सकते हैं। यह अनुदान रैयत और गैर-रैयत दोनों तरह के किसानों को मिलेगा तथा राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। 2 हेक्टेयर तक ही अनुदान मान्य योजना के तहत असिंचित फसल क्षेत्र के लिए 8500 रुपए प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17000 रुपए प्रति हेक्टेयर और शाश्वत अथवा बहुवर्षीय फसल जैसे गन्ना के लिए 22500 रुपए प्रति हेक्टेयर अनुदान दिया जाएगा। अधिकतम 2 हेक्टेयर तक ही अनुदान मान्य होगा। जबकि न्यूनतम सहायता असिंचित क्षेत्र के लिए 1000 रुपए, सिंचित क्षेत्र के लिए 2000 रुपए और बहुवर्षीय फसल के लिए 2500 रुपए निर्धारित है। परिवार का विवरण देना होगा अनिवार्य आवेदन करते समय किसानों को आधार सत्यापन के साथ अपने परिवार का विवरण देना अनिवार्य होगा। रैयत किसान के लिए वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 का एलपीसी या लगान रसीद तथा गैर रैयत किसान के लिए वार्ड सदस्य एवं कृषि समन्वयक से प्रमाणित स्वघोषित प्रमाणपत्र मान्य होगा। जिसका प्रारूप DBT पोर्टल पर उपलब्ध है। आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितम्बर निर्धारित किसान कृषि विभाग की वेबसाइट या dbtagriculture.bihar.gov.in पर 13 अंकों की पंजीकरण संख्या के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 5 सितम्बर निर्धारित की गई है। किसी तरह की जानकारी या समस्या के समाधान के लिए किसान कॉल सेंटर के टोल फ्री नंबर 18001801551 अथवा जिला कृषि कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।