10 दिनों से भूखी बच्ची की इलाज के दौरान मौत:पति से झगड़े के बाद बेटी को छोड़ गई थी पत्नी, दादी बोली- सिर्फ पानी पी रही थी
नालंदा में 10 दिनों से मां से अलग रह रही 3 साल की बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। बच्ची के माता-पिता के बीच 10 दिन पहले झगड़ा हुआ था। झगड़े के बाद बच्ची की मां ने अपने नवजात बेटे को साथ लिया और 3 साल की बेटी को ससुराल में ही छोड़कर अपने मायके चली गई। मायका जाने के बाद महिला न आने की जिद पर अड़ी रही। इस बीच तीन साल की बच्ची मां से अलग होने के बाद कुछ भी खा नहीं रही थी, सिर्फ पानी पी रही थी। इस वजह से बच्ची की तबीयत खराब हो गई और सोमवार को बच्ची की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मामला नूरसराय थाना क्षेत्र के चरूई बेलदरिया पर गांव की है। मृत बच्ची की पहचान 3 साल की श्रुति के रूप में हुई है, जो जन्म से ही दिव्यांग है। घटना के बाद मृत बच्ची की मां अपने मायके में ही है, जबकि उसके पिता फरार हैं। घर में सिर्फ मृत बच्ची की दादी है। मृत बच्ची श्रुति के पिता 25 साल के अरुण कुमार और 20 साल की अंजू कुमारी की शादी पांच साल पहले हुई थी। अरुण कुमार पेशे से मजदूर है और गांव के आसपास ही ईंट भट्ठों और अन्य जगहों पर काम करके अपने परिवार चलाता है। जानकारी के मुताबिक, अरुण शराब पीने का आदि है। इसी वजह से उसके और उसकी पत्नी के बीच झगड़ा होता था। जन्माष्टमी से पहले भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद अंजू अपने दो महीने के नवजात को लेकर वेना थाना क्षेत्र के अरौत गांव स्थित मायके चली गई थी। मृतका की दादी बोली- मैं अपनी बहू के पास पोती को लेकर गई थी मेरे बहू-बेटे के बीच झगड़ा हुआ था। हर परिवार में ऐसा होता है। झगड़े के बाद मेरी बहू अपनी तीन साल की बेटी को छोड़कर मायके चली गई। मैंने बच्ची को अपने पास रख लिया, लेकिन बच्ची ने तीन दिन तक अनाज नहीं खाया। उसे अपनी मां के हाथ से खाने की आदत थी। मैंने और मेरे बेटे ने काफी कोशिश की कि वो कुछ अनाज खा ले, लेकिन पानी के अलावा बच्ची ने कुछ नहीं पीया न खाया। 'बच्ची की दादी और पिता लगातार खिलाने की कोशिश कर रहे थे' मृत बच्ची की पड़ोसी बेबी देवी ने बताया कि 10 दिन पहले पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद बच्ची की मां उसे छोड़कर अपने मायके चली गई। बच्चे के पिता और दादी उसे लगातार खिलाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन बच्ची इनके हाथ से खाना नहीं खा रही थी। बच्ची बचपन से ही दिव्यांग थी, इसलिए उसकी मां ही उसे खिलाती थी। मां के अलावा परिवार के किसी भी सदस्य के हाथों से बच्ची खाना नहीं खाती थी। बेबी देवी ने बताया कि 10 दिनों से बच्ची कुछ भी नहीं खा रही थी। खाना न खाने की वजह से वो बिल्कुल कमजोर हो गई थी। बच्ची के पिता और दादी जबरन पानी पिलाते थे तो वो पानी कभी-कभी पीती थी। शाम को तबीयत बिगड़ी तो पिता लेकर पहुंचे अस्पताल सोमवार शाम को जब श्रुति की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ी, तो उसके पिता अरुण कुमार उसे तत्काल नूरसराय अस्पताल ले गए। वहां से बेहतर इलाज के लिए बच्ची को मॉडल अस्पताल बिहार शरीफ रेफर कर दिया गया, जहां बच्ची के ले जाए जाने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, मॉडल अस्पताल में मौत की सूचना मिलने पर नूरसराय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पोस्टमॉर्टम कराने के बाद पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया। नूरसराय थाना अध्यक्ष रजनीश कुमार ने बताया कि इस मामले में यूडी केस दर्ज कर लिया गया है और अग्रिम जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस और डॉक्टर सूत्रों के मुताबिक, बच्ची की मौत भूख से हुई है या किसी अन्य वजह से ये पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा। हालांकि, पड़ोसियों और बच्ची के दादी का कहना है कि बच्ची पिछले 10 दिनों से कुछ खा नहीं रही थी।
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