अररिया के ईटाहारा विश्वास टोला स्थित शिव मंदिर से सावन की अंतिम सोमवारी पर 251 महिलाओं और युवतियों ने कलश यात्रा निकाली। इस यात्रा में स्थानीय भक्तों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। सोमवार सुबह से ही शिव मंदिर प्रांगण में भक्तों का आना-जाना लगा रहा। विशेष पूजा-अर्चना के बाद दोपहर 1 बजे के आसपास मंदिर परिसर से कलश यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए त्रिसुलिया घाट स्थित प्रमाण नदी तक पहुंची। कलश यात्रा में DJ के धुन पर नाचे श्रद्धालु कलश यात्रा रेलवे स्टेशन चौक, ब्लॉक चौक, बस स्टैंड, चांदनी चौक और काली मंदिर चौक से होकर गुजरी। इस दौरान महिलाएं और युवतियां डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए बाबा भोलेनाथ के जयकारे लगाती दिखाई दीं। यात्रा में शामिल भक्तों ने त्रिसुलिया घाट पर प्रमाण नदी में स्नान कर पवित्र जल भरा। इस जल को लेकर उन्होंने मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर स्थित बाबा खड्गेश्वरनाथ शिव मंदिर में जलाभिषेक किया। इसके बाद सभी ने पुनः ईटाहारा विश्वास टोला के शिव मंदिर में जल चढ़ाया। अंतिम सोमवारी पर कलश यात्रा का आयोजन समाजसेवी और वार्ड पार्षद श्याम कुमार मंडल ने बताया कि सावन के पावन महीने में हर साल अंतिम सोमवारी को मंदिर कमेटी द्वारा इस कलश यात्रा का आयोजन किया जाता है। इसमें स्थानीय महिलाएं और युवतियां बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय लोगों का योगदान रहता है। यात्रा में सुनील कुमार, उमेश मंडल, दुर्गानंद कुमार, गणेश कुमार, हरजीत कुमार, हीरालाल कुमार सहित कई लोग शामिल रहे। यह कलश यात्रा धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। यह सामाजिक एकता और भक्ति भाव को भी दर्शाती है। स्थानीय लोगों का उत्साह और सहयोग इस आयोजन को हर साल सफल बनाता है।