एजुकेशन रिपोर्टर| बोधगया मगध विश्वविद्यालय के नवीनीकृत हिंदी भवन का भव्य उद्घाटन बुधवार को हिन्दी विभाग के नागार्जुन सभागार में सांस्कृतिक समारोह के साथ संपन्न हुआ। यह उद्घाटन मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शशि प्रताप शाही ने फीता काटकर, शिलापट्ट का अनावरण और पूजा संपन्न कर किया। कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम तथा पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के गंगा देवी कॉलेज की प्राचार्य एवं विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. रिमझिम शील भी इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. ब्रजेश कुमार राय ने इन मंचासीन अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, रामलला के सुंदर स्मृति चिह्न एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर कर किया गया। मूल हिन्दी भवन के 1994 में तत्कालीन राज्यपाल ए. आर. किदवई द्वारा उद्घाटन से लेकर मगध विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति द्वारा इसके नवीनीकृत रूप के उद्घाटन तक की यात्रा विवरण उन्होंने अपने स्वागत वक्तव्य में दिया। उन्होंने इसके साथ ही आने वाले हिन्दी दिवस पर प्रेमचंद की मूर्ति के अनावरण की घोषणा भी की। कुलपति ने अपने वक्तव्य में सभी शिक्षकों से हिन्दी विभाग के भव्य रूप से प्रेरणा लेने की बात कही। बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में किसी विभाग की अवसंरचना इस प्रकार की शायद ही दिखे। उन्होंने कहा कि किसी संस्थान की अवसंरचना भी अकादमिक प्रगति और मूल्यांकन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। प्रस्तावित नैक मूल्यांकन के लिए हिन्दी ने नवीनीकृत भवन के रूप में महत्वपूर्ण कार्य किया है। सभी शिक्षक ईमानदारी से करें कर्तव्य पालन कुलपति ने कहा कि यदि सभी शिक्षक अपने कर्त्तव्य को पूरी ईमानदारी से करें तो वह दिन दूर नहीं जब मगध विश्वविद्यालय अपने पुराने गरिमामय स्वरूप में लौट आएगा। उन्होंने संगीत कलाकारों शालिनी, चांदनी और सुनील, हिन्दी के सेवानिवृत्त कर्मचारी रोहित यादव को सम्मानित किया और सभी को 11 हजार रुपए पुरस्कार दिए जाने की घोषणा भी की। साथ ही, आगामी 17 अगस्त को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह के अवसर पर बिहार राज्यपाल द्वारा हिन्दी विभाग को पुरस्कृत कराए जाने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ. परम प्रकाश राय और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आनंद कुमार सिंह ने किया। इस अवसर पर सेवानिवृत्त आचार्य एवं पूर्व हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह, प्रो. सुनील सिंह, हिंदी विभाग के डॉ राकेश कुमार रंजन, डॉ अनुज कुमार तरुण, डॉ अंबे सहित अन्य मौजूद थे।