राजद नेताओं ने सिखाया SIR में नाम खोजने का तरीका:BLO से संपर्क कर गलतियों को बताया, कहा-मीडिया में आने के बाद तेजस्वी यादव का नाम जोड़ा
कटिहार में मतदाता गहन पुनरीक्षण के बाद जारी हुई मतदाता सूची को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजद नेता समरेंद्र कुणाल ने दावा किया है कि कटिहार विधानसभा क्षेत्र से करीब 1 लाख 85 हजार मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। इनमें बड़ी संख्या में जीवित और सक्रिय मतदाता शामिल हैं। कुणाल ने मतदाता सूची को लेकर जगह-जगह जागरूकता अभियान चलाया है। वे लोगों को मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन नाम जांचने का तरीका सिखा रहे हैं। इस सिलसिले में उन्होंने कार्यशालाओं का आयोजन किया है। इन कार्यशालाओं में स्थानीय लोगों को मतदाता पोर्टल और गूगल के माध्यम से अपना नाम तलाशने की जानकारी दी जा रही है। BLO से संपर्क कर गलतियों को बताया राजद नेता ने बताया कि केन्द्रीय चुनाव आयोग द्वारा लागू स्पेशल इंटेंसिव रिविजन प्रक्रिया में कटिहार के 70 से अधिक संवेदनशील बूथों पर बीएलओ से संपर्क किया गया है। उन्हें गड़बड़ियों की जानकारी दी गई है। कुणाल का आरोप है कि इस एक महीने की प्रक्रिया में जल्दबाजी और दबाव के चलते कई वास्तविक मतदाताओं के नाम सूची से गायब कर दिए गए हैं। राजद नेता का आरोप है कि जिनके नाम हटाए गए हैं, वे जीवित हैं। वे बाहर रोजगार, इलाज या पढ़ाई के लिए गए हैं, न कि मृत हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक बीएलओ शिक्षक कार्य के दबाव में तनावग्रस्त होकर असमय मृत्यु का शिकार हो गए। केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर साधा निशाना समरेंद्र कुणाल ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को पहले ईडी, फिर सीबीआई और अब चुनाव आयोग से घेरा जा रहा है। उन्होंने बताया कि तेजस्वी यादव का नाम भी मतदाता सूची से हटा दिया गया था। मीडिया में आने के बाद इसे जल्दी से जोड़ा गया। कुणाल ने कहा कि चुनाव आयोग की यह कार्यप्रणाली लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है। इस दौरान आयोजित कार्यशाला में आरजेडी के कई नेता मौजूद थे। इनमें प्रीतम सिंह चंद्रवंशी, बिनोद यादव, राजेन्द्र राय, कुंदन मंडल, शेखर सिंह, राजेश सिंह और राजकुमार गुप्ता शामिल थे।
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