मुंगेर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का DM ने किया दौरा:लोगों के साथ खाया खाना, बच्चों को नाश्ता भी देने का दिया निर्देश
मुंगेर में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 32 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा है। इसके कारण तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। कई लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है, जिससे वे ऊंचे स्थानों पर पलायन कर चुके हैं। कई लोग आश्रय स्थलों में शरण लिए हुए हैं। बता दें कि जिले के सदर प्रखंड के कुतलुपुर, जाफरनगर, टिकारामपुर, मोहली, तारापुर दियारा और नौवागढ़ी दक्षिणी पंचायत के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है। धरहरा प्रखंड के शिवकुण्ड, हेमजापुर और बाहाचोकी पंचायत भी बाढ़ से प्रभावित हैं। बरियारपुर प्रखंड के हरिणमार झौवाबहियार, कल्याण टोला और निरपुर पंचायत बाढ़ की चपेट में हैं। जमालपुर प्रखंड के सिंघिया, परहम और इंदरुख पंचायत तथा खड़गपुर प्रखंड के तेलियाडीह और अग्रहण पंचायत भी बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया दौरा गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पीकर ने सदर एसडीओ कुमार अभिषेक सहित कई अधिकारियों के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने लखीसराय जिले में अमरपुर प्लस टू उच्च विद्यालय में बने आश्रय स्थल का निरीक्षण किया। सदर प्रखंड के कुतलुपुर पंचायत के वार्ड संख्या एक के लगभग 400 बाढ़ पीड़ित इस आश्रय स्थल में रह रहे हैं। जिलाधिकारी ने बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की और उन्हें पॉलीथिन शीट का वितरण किया। बाढ़ पीड़ितों ने बताया कि उन्हें दो समय खाना मिलता है, लेकिन बच्चे सुबह में भूख से परेशान रहते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों को सुबह में नाश्ता दिया जाए। जिलाधिकारी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए बने खाने को चखा और कहा कि खाना अच्छा बना है। आश्रय स्थल में रह रहे लोगों ने भी बताया कि व्यवस्था अच्छी है और खाने-पीने का उचित इंतजाम है।
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