बेगूसराय से डेढ़ घंटे में पहुंचेंगे पटना, 100KM दूरी घटेगी:एशिया का दूसरा सबसे चौड़ा औंटा-सिमरिया 6 लेन केबल ब्रिज; PM मोदी कल करेंगे उद्घाटन
बेगूसराय में गंगा नदी पर सिमरिया और औंटा के बीच सिक्स लेन सड़क पुल बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अगस्त यानी कल इस पुल का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद पीएम मोदी हेलिकॉप्टर से बेगूसराय में बने इस ब्रिज का निरीक्षण करने आएंगे। साथ ही यहां बने रिवर फ्रंट का भी जायजा लेंगे। 1.871 करोड़ की लागत से बना ये पुल एशिया का दूसरा सबसे चौड़ा (34 मीटर) मल्टी-स्पैन एक्स्ट्राडोज केबल-स्टेंड रिवर ब्रिज है, जो सिंगल पियर्स पर है। औंटा (मोकामा)-सिमरिया (बेगूसराय) 6 लेन मुख्य ब्रिज की लंबाई 1865 मीटर है, जबकि एप्रोच रोड समेत इसकी लंबाई 8.15 Km है। ये ब्रिज उत्तर और दक्षिण बिहार को सीधा जोड़ेगा। इस कनेक्टिविटी से उत्तर बिहार क्षेत्रों (जैसे बेगूसराय, सुपौल, मधुबनी और अररिया) और दक्षिण बिहार के गंतव्यों (पटना, शेखपुरा, नवादा और लखीसराय सहित) के बीच उनकी यात्रा की दूरी 100 किमी तक कम हो जाएगी। सबसे पहले औंटा-सिमरिया ब्रिज की 3 तस्वीरें... बेगूसराय में 28 मिनट तक रह सकते हैं पीएम मोदी PM मोदी गयाजी में जनसभा खत्म करने के बाद एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर से एसपी सिंगला कंपनी के बेस कैंप में बनाए जा रहे हेलिपैड पर उतरेंगे। जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का हेलिकॉप्टर ग्राउंड के NTPC हेलfपैड पर लैंड करेगी। बेस कैंप में उतरने के बाद प्रधानमंत्री मोदी NDA के नेताओं से मुलाकात करेंगे और नवनिर्मित पुल के सिमरिया छोर पर पहुंचेंगे। यहां PM मोदी रिबन खोलकर आवाजाही शुरू करने के बाद वे कल्पवास मेला क्षेत्र में मौजूद लोगों का अभिवादन करेंगे। इसके बाद ब्रिज के दूसरी ओर सिमरिया में गंगा नदी के तट पर बने बिहार के पहले रिवर फ्रंट का भी पुल पर से ही जायजा लेंगे। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की अभी तक आधिकारिक मिनट 2 मिनट प्रोग्राम नहीं आया है, लेकिन संभावना है कि वे करीब 28 मिनट तक यहां रहेंगे। जिसमें सुरक्षा को लेकर व्यापक बंदोबस्त किए जा रहे हैं। हेलिपैड से लेकर पुल तक बैरिकेडिंग कर दी गई है। औंटा-सिमरिया 6 लेन ब्रिज की जरूरत क्यों पड़ी? आजादी के बाद 1950 के दशक में सिमरिया घाट पर रेल-सह-सड़क पुल बना था। पुल का नाम देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद के नाम पर राजेंद्र सेतु रखा गया था। पुल के बनने से न सिर्फ पूरा बिहार, बल्कि पूर्वोत्तर भारत देश के अन्य हिस्सों से आसानी से जुड़ गया था। समय के साथ धीरे-धीरे ये ब्रिज कमजोर होता गया। 2012 से राजेन्द्र सेतु पर बड़ी गाड़ियों की आवाजाही को समय-समय पर रोककर साल दर साल मरम्मत की जाने लगी, जिस पर करोड़ों रुपए खर्च होते थे। मरम्मत के दौरान गाड़ियों का लंबा जाम भी लगता था। 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बेगूसराय के तत्कालीन सांसद डॉ. भोला सिंह ने प्रधानमंत्री के सामने इस मुद्दे को उठाया। 2015 में पीएम मोदी ने बिहार में विशेष पैकेज की घोषणा के दौरान गंगा नदी पर सिमरिया और औंटा के बीच बनने वाले सिक्स लेन पुल की घोषणा की। इसके दो साल बाद यानी 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका शिलान्यास भी किया। जब सिक्स लेन पुल बनना शुरू हुआ तो शुरुआत में इसकी लागत 1161 करोड़ थी, जो निर्माण में देरी के कारण बढ़ते-बढ़ते करीब 1871 करोड़ पर पहुंच गई। ये ब्रिज मई में बनकर तैयार हो गया था और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 अगस्त को गया में आयोजित कार्यक्रम में वर्चुअली इसका उद्घाटन करेंगे। पुल पर फिलहाल बड़ी गाड़ियों के आवाजाही पर रोक राजेंद्र सेतु के जर्जर होने और मरम्मत का काम होने की वजह से बड़ी गाड़ियों की आवाजाही बंद है। बड़ी गाड़ियों के नहीं चलने की वजह से पटना से बेगूसराय और खगड़िया आने वाली बसों, ट्रकों, टैंकर समेत सभी भारी वाहनों को हाजीपुर होकर आना पड़ता है। जबकि लखीसराय और जमुई आदि जगहों से बेगूसराय और खगड़िया जाने वाली बड़ी गाड़ियां मुंगेर पुल होकर आती हैं। पुल के बनने से बेगूसराय के लोगों को क्या फायदा? राजेंद्र सेतु के जर्जर होने और मरम्मत होने की वजह से बेगूसराय और बड़हिया के इलाके के सैकड़ों ट्रक जो बालू लाने और ले जाते थे, उनका काम ठप हो गया। इससे बालू, गिट्टी सभी चीजों में परिवहन का शुल्क बढ़ा, तो मकान निर्माण में लगने वाले मटेरियल की कीमत भी बढ़ गई। बड़े एम्बुलेंस भी पुराने पुल से नहीं गुजरते थे, जिससे मरीजों को भी दिक्कतें होने लगी। अब औंटा-सिमरिया 6 लेन ब्रिज के तैयार हो जाने के बाद बालू और गिट्टी लाने और ले जाने वाले ट्रक चल सकेंगे, जिससे परिवहन शुल्क कम होगा। मकान निर्माण में यूज होने वाला मटेरियल भी पहले के मुकाबले सस्ता होगा। इसके अलावा, बेगूसराय में बनने वाले पेट्रोलियम पदार्थ समेत अन्य प्रोडक्ट्स को पटना समेत अन्य जगहों पर ले जाने के लिए गांधी सेतु का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। बाढ़ प्रभावित नॉर्थ बिहार के लिए वरदान होगा ये ब्रिज NHAI के रीजनल ऑफिसर एनएल योत्कर ने बताया, 'पुल के उद्घाटन के बाद गाड़ियों की आवाजाही शुरू होने के बाद किलोमीटर घटने से समय की बचत होगी, इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।' 'यह एक्स्ट्रा डोज ब्रिज है, जिसमें पाइल और केबल का यूज किया जाता है, सीमेंट गटर भी है, जिससे लोड बंट जाता है। 34 मीटर का जो गटर है, इतना चौड़ा पुल कहीं बना नहीं है।' 'पहली बार यहां यूज किया जा रहा है। 2018 में बनना शुरू हुआ और मई में बनकर तैयार हो गया है।' NHAI के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अभिषेक ने बताया, 'पुल पर आवाजाही के शुरू होने के बाद छोटी-बड़ी गाड़ियों को जाम से मुक्ति मिलेगी। नॉर्थ बिहार बाढ़ प्रभावित इलाका है, उनके लिए भी यह वरदान साबित होगा।' 'बेगूसराय इंडस्ट्रियल एरिया है, यहां IOCL, NTPC, हर्ल, सुधा जैसे बड़े-बड़े कंपनियां है। इस पुल के बन जाने से इंडस्ट्री को भी काफी फायदा होगा और लोगों को भी काफी राहत मिलेगी। ये सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होगा।' ट्रक एसोसिएशन के संरक्षक रामनारायण सिंह ने कहा, 'जब सिक्स-लेन नहीं था और पुराने पुल पर वाहनों का परिचालन बंद था, तो जो बालू 3000 रुपए सीएफटी मिलता था, वह 6000 रुपए CFT में मिलने लगा।' 'बेगूसराय से रांची जाने के लिए पटना होकर रांची जाना पड़ता था, अब सीधे हम लोग यहां से रांची बस के माध्यम से चले जाएंगे। लोहा, सीमेंट, कोयला, ईंट एवं बालू का रेट तत्काल गिर जाएगा।' नए 6 लेन ब्रिज को लेकर बेगूसराय के आम लोग क्या बोले? पुल पर पर्याप्त रोशनी के अलावा CCTV कैमरे भी इंस्टॉल औंटा-सिमरिया पुल पर पर्याप्त रोशनी के अलावा जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं, जिससे मॉनिटरिंग की जा सकेगी। पुल पर ओवर स्पीड में गाड़ियों को चलाने पर ऑटोमैटिक चलान भी कटेगा। सिक्सलेन सड़क पुल के दोनों ओर औंटा से हाथीदह और सिमरिया बिंदटोली से राजेंद्र पुल स्टेशन के पास NH-31 तक एक रेल ओवर ब्रिज (ROB), 2 रेल अंडर ब्रिज (RUB) और 6 वेकल अंडर ब्रिज (VUV) बनाया गया है। हाथीदह जंक्शन के पास NH-80 के ऊपर से NH-31 गुजरा है। वहीं, औंटा के समीप दो RUB बनाया गया है। एशिया का दूसरा सबसे अधिक चौड़ा इस एक्स्ट्रा डोजेज स्टे केबल ब्रिज का पूरा लोड केबल पर ही रहेगा। नई तकनीकी से बने इस पुल की चौड़ाई 34 मीटर रहने से आवाजाही में सुविधा होगी। पुल पर दोनों साइड 13-13 मीटर चौड़ी तीन-तीन लेन की सड़क है। जबकि दोनों साइड डेढ़ मीटर चौड़ा फुटपाथ बना है। जिस पर पैदल, साइकिल या बाइक चल सकेंगे। सिमरिया छोर पर गोलंबर भी भव्य बनाया गया है। DM तुषार सिंगला बोले- NTPC से लेकर औंटा तक पूरे सड़क को रेड जोन घोषित किया बेगूसराय के DM तुषार सिंगला ने बताया कि 22 अगस्त को औंटा-सिमरिया सिक्सलेन पुल के उद्घाटन कार्यक्रम के मद्देनजर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। NTPC से लेकर औंटा तक पूरे सड़क को रेड जोन घोषित किया गया है। पूरे क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। पुलिस बल एवं मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है। ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए स्पेशल प्लानिंग यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। 22 अगस्त को सुबह 10:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक औंटा-सिमरिया सिक्सलेन पुल एवं राजेन्द्र पुल पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी। पटना और मोकामा से बेगूसराय की ओर आने वाली गाड़ियों के लिए ऑप्शनल रूट औंटा-हाथीदह-लखीसराय-मुंगेर-साहेबपुर कमाल-बेगूसराय रहेगा। बेगूसराय से पटना जाने वाले वाहनों के लिए ऑप्शनल रूट जीरोमाइल-तेघड़ा-बछवाड़ा-दलसिंहसराय-मुसरीघरारी-पटना होगा। जिला प्रशासन आमजन और गाड़ी चलाने वालों से अपील की गई है कि असुविधा से बचने के लिए निर्धारित ऑप्शनल रूट का यूज करें। यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को सहयोग करें।
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