बेगूसराय में 11 सूत्री मांग को लेकर AISF का प्रदर्शन:दिनकर के नाम पर विवि की स्थापना, इंटर में सीट वृद्धि की डिमांड; आंदोलन की चेतावनी
बेगूसराय समाहरणालय के पास 11 सूत्री मांगों को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने प्रदर्शन किया। बारिश के बीच प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने बेगूसराय में दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना और इंटर में सीट वृद्धि कर सभी छात्र-छात्राओं का नामांकन की मांग की। इसके साथ ही एसआईआर में गड़बड़ी पर रोक लगाने, बेगूसराय में हवाई अड्डा की स्थापना करने, नई शिक्षा नीति 2020 रद्द करने, एमआरजेडी कॉलेज में कोई भी परीक्षा केंद्र देने से रोक लगाने, जिले की ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त करने, वक्फ संशोधन कानून वापस करने, बेगूसराय के कारखानों में बेगूसराय के योग्य युवाओं को रोजगार देने आदि के लिए भी आवाज बुलंद किया गया। सरकार बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोक रही मौके पर उपस्थित राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने कहा कि कल पूरे बिहार के सभी समाहरणालय पर प्रदर्शन हुआ था। आज बेगूसराय में प्रदर्शन किया गया है। तमाम विपरीत परिस्थितियों और बारिश के बावजूद बेगूसराय के छात्रों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। सरकार बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने से रोक रही है, इसलिए सीट को सीमित कर दिया गया है। जितने भी बच्चों ने इंटर में नामांकन के लिए आवेदन दिया है, उन सभी का नामांकन किया जाए। उन्होंने बेगूसराय में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना की पुरानी मांग को दोहराया। जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में फेल बेगूसराय में हर साल आने वाली बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की सहायता करने में पूरी तरह विफल रहा है। सभी बाढ़ पीड़ितों को उचित मुआवजा मुहैया कराया जाए। जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार ने कहा कि आज का प्रदर्शन उनके संगठन की 11 सूत्री मांगें राज्यव्यापी कार्यक्रम का हिस्सा है। अमरेश ने कहा कि सरकार जानबूझकर उच्च शिक्षा को सीमित कर रही है, जिसके कारण इंटर में आवेदन करने वाले लाखों छात्रों का नामांकन नहीं हो पाता है। इसलिए जितने भी बच्चों ने आवेदन दिया है, उन सभी का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। 5 प्रतिशत बाढ़ पीड़ितों को ही मदद करीब 7 महीने पहले एमआरजेडी कॉलेज में छात्रों की पिटाई के बाद डीएम ने कॉलेज को 7 साल के लिए परीक्षा केंद्र नहीं बनाने का फरमान जारी किया था। लेकिन 7 महीने पूरे होने से पहले ही कॉलेज को फिर से परीक्षा केंद्र बना दिया गया। आखिर क्या मजबूरी थी या कितना पैसा लिया गया कि यह फैसला बदला गया। बेगूसराय में हर साल बाढ़ आती है, लेकिन जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने में पूरी तरह विफल रहा है। अब तक केवल 5 प्रतिशत बाढ़ पीड़ितों को ही सहायता मिली है। 7 में से 5 विधानसभा क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है, लेकिन अभी तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित नहीं किया गया है।
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