'बिहार में सिर्फ तेजस्वी यादव पर ही कार्रवाई क्यों':कृष्णा अल्लावरू ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल, चिराग पासवान पर कहा- नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री चोरी से बने
राजद नेता तेजस्वी यादव के दो एपिक नंबर होने पर चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा था। इस पर बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने उनका साथ देते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि बिहार में सिर्फ तेजस्वी यादव पर ही कार्रवाई क्यों, जहां-जहां डुप्लीकेशन हुआ है हर जगह जांच होना चाहिए। वहीं, राहुल गांधी के वोट चोरी के बात पर चिराग पासवान ने कर्नाटक में सरकार बर्खास्त करने की बात कही थी। इसपर उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री चोरी से बने हैं, तो चिराग पासवान की बात अगर सही में मानी जाए तो सबसे पहले इस्तीफा नरेंद्र मोदी को देना चाहिए। हम चिराग पासवान से गुजारिश करते हैं कि वह अपनी बात को आगे बढ़ाएं। कृष्णा अल्लावरू ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की। सड़क से लेकर संसद तक SIR का मुद्दा उठाया जा रहा है। बीते दिनों राहुल गांधी समय बड़े नेताओं को भी हिरासत में ले लिया गया था। क्या कहेंगे इसपर? आज देश में वोट चोरी और चुनाव चोरी बहुत गंभीर मामला बन गया। ये काफी दिनों से बीजेपी और इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया के बीच में बंद कमरे में सांठ गांठ और जुगलबंदी चलती थी। महाराष्ट्र, कर्नाटक, दिल्ली, हरियाणा में हमने प्रमाण के साथ, सबूत के साथ इसको एक्सपोज करने का काम किया बिहार में अभी इसको वो और मजबूती से लागू करने का प्रयास कर रहे हैं। मतलब चुनाव और वोट चोरी को और मजबूती से करने का प्रयास कर रहे हैं। उसके लिए एक स्पेशल प्रक्रिया लेकर आए हैं जिसका नाम उन्होंने SIR रखा है। हम पहले छोटे लेवल पर चुनाव चोरी का विरोध कर रहे थे। अभी बिहार में बड़ी लेवल पर करने के प्रयास है, तो इसको हम मिलजुल कर बड़े लेवल पर विरोध कर रहे हैं। चिराग पासवान का एक बात सामने आया है उनका कहना है कि अगर कर्नाटक में वोट चोरी हुई है तो वहां पर सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए। हमने जो सबूत कर्नाटक में दिखाया है, वह यह दिखाया है कि एक लोकसभा में कांग्रेस पार्टी 40 हजार वोट से चुनाव हारी। और उस लोकसभा के एक विधानसभा में 1 लाख वोटों की चोरी हुई है और बीजेपी को उस एक विधानसभा में एक लाख से ज्यादा लीड मिली है। अगर चुनाव चोरी हुआ है और लोकसभा में सीट जीती है तो बीजेपी जीती है। नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री चोरी से बने हैं, तो चिराग पासवान की बात अगर सही में मानी जाए तो सबसे पहले इस्तीफा नरेंद्र मोदी जी को देना चाहिए और हम उस बात का स्वागत करते हैं और हम चिराग पासवान जी से गुजारिश करते हैं कि वह अपनी बात को आगे बढ़ाएं। नरेंद्र मोदी जी का इस्तीफा पहले मांगे। हमने सुबूत के साथ बताया है कि उन्होंने एक विधानसभा में एक लाख वोट चोरी करके एक पार्लियामेंट सीट जीता है। ऐसे ही बहुत सारे पार्लियामेंट सीट देश भर में जीते हैं। मतलब वह जो आज प्रधानमंत्री बने हैं चुनाव चोरी करके बने हैं, तो जरूर हम मानते हैं कि उनको इस्तीफा देना ही चाहिए और तुरंत देना चाहिए। दो एपिक नंबर का भी मुद्दा अभी जोड़ पकड़े हुए है, पहले तेजस्वी यादव और अब विजय सिन्हा का। चुनाव आयोग ने विजय सिन्हा को नोटिस भेजा है, तो आपको क्या लगता है कि कार्रवाई होगी? हम एक ही बात जानते हैं करवाई जब करें, तो निष्पक्षता से होनी चाहिए। और सिर्फ दो लोगों की डुप्लीकेट कार्ड नहीं पकड़े गए हजारों के तादाद में एक असेंबली में डुप्लीकेसी देखने को मिली है। बिहार में सिर्फ तेजस्वी यादव पर ही कार्रवाई क्यों, जहां-जहां डुप्लीकेशन हुआ है हर जगह होना चाहिए और अल्टीमेटली यह चुनाव आयोग के नाक के नीचे हो रहा है तो कहीं ना कहीं उनके अफसर पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। SIR वाले मुद्दे को लेकर प्रशांत किशोर भी राहुल गांधी के समर्थन में नजर आए हैं, तो क्या ऐसा माना जा सकता है कि आगे आने वाले समय में उन्हें इंडिया अलायंस में शामिल होने का निमंत्रण दिया जाएगा? SIR का मुद्दा सिर्फ एक दल या एक एलाइंस का मुद्दा नहीं रहा। यह बहुत गंभीर आक्रमण है। यह आम जनता के अधिकार पर आक्रमण, एक इंसान एक वोट के अधिकार पर आक्रमण, चुनाव को चोरी करने का प्रयास है, वोट को चोरी करने का प्रयास है। मतलब लोकतंत्र पर आप आक्रमण कर रहे हो, मतलब संविधान पर आप आक्रमण कर रहे हो, मतलब भारत पर आप आक्रमण कर रहे हो। तो इस आक्रमण के खिलाफ हर एक नागरिक को आवाज उठाना चाहिए, हर एक नेता को उठाना चाहिए हर एक दल को उठाना चाहिए और इस आक्रमण के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। आप लोगों का कहना है कि चुनाव आयोग बीजेपी के लिए काम कर रही है तो क्या आगे आने वाले समय में आप लोग चुनाव का बहिष्कार भी करेंगे? जब तक चुनाव इस देश में निष्पक्षता और पारदर्शिता तरीके से नहीं होंगे, विपक्ष एकजुट होकर जनता की आवाज बनकर इस प्रक्रिया का विरोध करेगी। शुरू से लेकर आज तक हमने इस प्रक्रिया का विरोध किया है। सड़क पर भी किया है, सदन में भी किया है, संसद में भी किया है, सुप्रीम कोर्ट में भी किया और आगे आने वाले दिनों में बिहार के जनता के अदालत में यात्रा के माध्यम से विरोध करने वाले है। इसका विरोध करना तय है। कब कैसे विरोध करेंगे, रणनीति बनाकर चर्चा कर कर, फैसला लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं और सारे ऑप्शंस पर हम सोच विचार कर रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर यहां स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक होने वाली है। किन क्राइटेरिया पर प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा उस बैठक में क्या-क्या होगा? स्क्रीनिंग कमेटी का मुख्य जो रोल होता है, वह यह है कि जितने उम्मीदवार है उनको छांटकर स्क्रीन करके, उनमें से जो सबसे मजबूत उम्मीदवार है, जो जीतने वाले उम्मीदवार है, उनका नाम कांग्रेस सेंट्रल इलेक्शन कमेटी के सामने पेश किया जाएगा। यह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अजय माकन दो दिन बिहार रहेंगे और अलग-अलग उम्मीदवारों से मिलेंगे। मजबूत उम्मीदवारों का चयन करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। वोट अधिकार यात्रा 17 अगस्त से शुरू होने वाली है। यह सासाराम से शुरू होगी। इसकी हम तैयारी कर रहे हैं और आने वाले 15 दिन के आसपास यह यात्रा बिहार में चलेगी और जनता के बीच में हम इस मुद्दे को उठाना चाहते हैं और बाकी मुद्दों को भी उठाना चाहते हैं। हमें विश्वास है कि हम जनता से डायरेक्ट मिलकर, जुड़कर उनको समझा पाएंगे। जनता समझदार है सब कुछ समझती है। इंडिया एलायंस के कौन-कौन से नेशनल लीडर इस यात्रा में शामिल होंगे? सभी दल के सबसे बड़े लीडर इस यात्रा में शामिल होंगे। सिर्फ बिहार के दल ही नहीं बिहार के बाहर के दल भी उम्मीद है कि उनके भी लीडर्स आएंगे और हमारे पार्टी के भी वरिष्ठ लीडर जो बाकी प्रदेशों के हैं, वो भी शमिल होंगे।
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