चार हजार लोगों के लिए 2 नाव की व्यवस्था:पटना के वार्ड-56 में जलजमाव, नाव से स्कूल-ऑफिस आते; लोग बोले- शहर का सारा पानी कॉलोनी में आता

Aug 20, 2025 - 08:30
 0  0
चार हजार लोगों के लिए 2 नाव की व्यवस्था:पटना के वार्ड-56 में जलजमाव, नाव से स्कूल-ऑफिस आते; लोग बोले- शहर का सारा पानी कॉलोनी में आता
पटना नगर निगम के वार्ड नंबर 56 में रहने वाले लगभग 4000 लोग पिछले दो महीने से जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। कॉलोनी में चार से पांच फीट तक नाले का पानी भर गया है। पैजावा सोनालिका नगर में स्थिति विकट है। कंकड़बाग और कुम्हरार जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों का नाले का पानी पैजावा नहर के जरिए सोनालिका नगर कॉलोनी में छोड़ा जा रहा है। इससे लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। भास्कर रिपोर्टर ने नाव से पूरे इलाके का जायजा लिया। इस दौरान लोगों से बातचीत कर उनकी समस्या जानी। एयर फोर्स से सेवानिवृत्त शिवनंदन सिंह ने बताया कि बादशाही पैन की गंदगी वाला पानी भी कॉलोनी में आ रहा है। नगर निगम को कई बार शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। गंदे पानी की वजह से उनकी बच्ची बीमार पड़ गई है। जलजमाव से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। बच्चों की स्कूल की पढ़ाई रुक गई है। बुजुर्गों को दवाई लाने में दिक्कत हो रही है। महिलाएं बाजार नहीं जा पा रही हैं। विषैले जीवों का खतरा भी बढ़ गया है। राशन की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। शहर का पूरा पानी हमारी कॉलोनी में आ रहा कृषि विभाग से सेवानिवृत्त रामनाथ सिंह ने कहा, 'पहले शहर का पानी पुनपुन नदी में जाता था। अब यह व्यवस्था बदल गई है, जिससे कॉलोनी में जलजमाव की समस्या गंभीर हो गई है। शहर का पूरा पानी इस कॉलोनी में आ रहा है। उन्होंने बताया कि 24 घंटे में महज 1 इंच के आसपास पानी घट रहा है। अनुमान लगाया जा सकता है इतना भीषण जलजमाव कितने महीने में सुखेगा। मोटर मैकेनिक विनोद प्रसाद ने बताया कि वर्ष 2019 में यहां नाव चलाने की नौबत आई थी और इस पर फिर वही भीषण जल जमाव से लोग त्रस्त हैं'। 2 नाव के सहारे लोग पटना नगर निगम 56 वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि बलराम मंडल ने बताया कि उसे इलाके में दो नाव दिए गए हैं। उन्होंने बताया,'जब तक लेयर डाउन नहीं होगा, तब तक पानी की पूरी निकासी संभव नहीं है। लोगों की आवाजाही के लिए सड़क से जल की निकासी कर दी गई है'। बलराम मंडल ने स्पष्ट किया कि उस इलाके में बड़े पैमाने पर किसान सिंघाड़ा फल की खेती करते हैं। सिंघाड़ा फल के खेत खेती के लिए पानी की जरूरत पड़ती है। किसान वह पानी पैन से लाते हैं। जिसके कारण भी उसे इलाके की स्थिति जलजमाव की बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि 8 केबी के 10 मोटर और 83 केबी के तीन मोटर जल निकासी के लिए लगातार काम कर रहा है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0
E-MEDIA NEWS Administrator at E-Media News