हाजीपुर से पीएमसीएच ग्रिड को बिजली मिलेगी, 7 लाख लोगों को फायदा होगा
हाजीपुर से पीएमसीएच ग्रिड को बिजली मिलेगी। यह उत्तर बिहार से पटना शहर की दूसरी कनेक्टिविटी होगी। बिजली कंपनी मुख्यालय ने हाजीपुर से गंगा पार कर पीएमसीएच तक ट्रांसमिशन लाइन लगाने का निर्णय लिया है। पहले दीघा ग्रिड से पीएमसीएच को बिजली सप्लाई करने की योजना थी। इसके लिए गंगा पथ के दक्षिण से ओवर हेड ट्रांसमिशन लाइन बनाना था, लेकिन अब हाजीपुर से ट्रांसमिशन लाइन लगाने का निर्णय लिया गया है। यहां 1.5 एकड़ जमीन पर 255.89 करोड़ की लागत से ग्रीन जीआईएस ग्रिड बन रहा है। इससे सात लाख लोगों को लाभ होगा। बिजली कंपनी मुख्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दिनों मीठापुर और करबिगहिया ग्रिड में तकनीकी गड़बड़ी आने के बाद मध्य पटना में बिजली संकट उत्पन्न हो गया था। ऐसी समस्या भविष्य में न हो, इसके लिए यह निर्णय लिया गया है। अब उत्तर बिहार से भी बिजली सप्लाई : पटना शहर को पहले दक्षिण बिहार से बिजली मिलती थी। छपरा के अमनौर से दीघा ग्रिड को बिजली कनेक्टिविटी दी गई। इसके बाद मध्य पटना में बनने वाले बोर्ड कॉलोनी ग्रिड को दीघा से जोड़ा गया। अब हाजीपुर से पीएमसीएच को बिजली कनेक्टिविटी दी जा रही है। इसके मिलने के बाद अब उत्तर बिहार के दो जिलों से पटना शहर को बिजली मिलेगी। आईएसबीटी में बिजली गुल, दो महीने से पावर हाउस से समस्या आ रही पटना|बैरिया स्थित आईएसबीटी में यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। आईएसबीटी में बिजली गुल हो गई है। पटना जिला ऑटो रिक्शा चालक संघ के पप्पू यादव ने बताया कि यात्रियों के साथ-साथ चालकों को भी परेशानी हो रही है। दो महीने से पावर हाउस से बिजली सप्लाई में दिक्कत आ रही है। साफ-सफाई भी नियमित रूप से नहीं हो रही है। शौचालय में पानी बंद है। सामूहिक शौचालय में पानी नहीं आ रहा है। इससे लोगों को भारी परेशानी होती है। ग्रीन जीआईएस ग्रिड से लाभ सभी ग्रिड को चलाने के लिए बिजली की खपत होती है। इस ग्रिड को चलाने के लिए बिजली सौर ऊर्जा से मिलेगी। इसके लिए सोलर प्लेट लगाई जाएगी। इसके साथ अत्याधुनिक मशीन का उपयोग होने से कार्बन डाई ऑक्साइड, पानी की कम खपत, कचरा प्रबंधन व निस्तारण की व्यवस्था परिसर में होगा। इससे पर्यावरण का नुकसान कम होगा। 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन को 33 केवी में बदला जाएगा हाजीपुर से पीएमसीएच तक 132 केवी की ट्रांसमिशन लाइन आएगी। इस ग्रिड में लगे पावर ट्रांसफार्मर के जरिए इसे 33 केवी में बदलकर पावर सब स्टेशन को बिजली सप्लाई की जाएगी। इससे पीएमसीएच को निर्बाध बिजली मिल सकेगी। आपात स्थिति में आसपास के इलाके को भी बिजली सप्लाई दी जाएगी। साथ ही मध्य पटना के सात पावर सब स्टेशन को यहां से बिजली मिलेगी। इसमें पीएमसीएच मछुआटोली, राजेंद्र नगर, सैदपुर, एसके मेमोरियल, गोलघर, एनआईटी पावर सब स्टेशन शामिल हैं। इस इलाके के 7 लाख से अधिक आबादी को सीधा फायदा होगा।
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