भोजपुर के एक प्राइवेट क्लीनिक में इलाज के दौरान शुक्रवार को डेढ़ साल के मासूम बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मामला दवंतनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलाउर डेढ़ नंबर गांव का है। मृतक की पहचान पवना थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी पप्पू कुमार सिंह के डेढ़ साल के बेटे ऋतिक कुमार के रूप में की गई है। परिजनों ने बच्चे की मौत के लिए बेलाउर स्थित प्राइवेट क्लीनिक के ग्रामीण डॉक्टर नसरुद्दीन अंसारी को जिम्मेदार ठहराया है। मृतक के चाचा शंकर सिंह के अनुसार, ऋतिक को बीते चार-पांच दिनों से बुखार और सर्दी की शिकायत थी। शुक्रवार की शाम घर की एक महिला बच्चे को इलाज के लिए क्लीनिक लेकर पहुंची थी। सुई देते ही बच्चे की बिगड़ी हालत चाचा ने बताया कि ग्रामीण चिकित्सक ने पहले थर्मामीटर से बच्चे का बुखार चेक किया और फिर सुई देने की बात कही। डॉक्टर ने सुई के बदले 300 रुपए मांगे, जिस पर महिला ने कहा कि पहले इलाज कीजिए, फिर पैसे दे देंगे। इसके बाद डॉक्टर ने बच्चे को सुई दी। सुई लगते ही बच्चे की हालत बिगड़ गई और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन क्लीनिक में हंगामा करने लगे और तुरंत उदवंतनगर थाना को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेजा। हालांकि बच्चे की उम्र कम होने के कारण आरा के ऑन ड्यूटी डॉक्टरों ने शव को पटना पीएमसीएच रेफर कर दिया। पुलिस की ओर से बनाई गई मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट में यह बताया गया है कि बच्चे की मौत प्रथम दृष्टया से गलत सुई या दवा देने के कारण प्रतीत होती है। हालांकि, वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। बताया जा रहा है कि मृतक ऋतिक अपने परिवार में सबसे छोटा था और मां-बाप का इकलौता बेटा था। उसके परिवार में मां रेणु देवी, दो बहनें निशु और काजल हैं। बच्चे की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।